हिमाचल विधानसभा में देखने मिला अनोखा पल, विधायक पत्नी ने CM सुक्खू से पहली बार पूछा सवाल

himachal-news-cm-sukhwinder-singh-sukhu-questioned-by-wife-in-assembly-for-1st-time

हिमाचल विधानसभा में देखने मिला अनोखा पल, विधायक पत्नी ने CM सुक्खू से पहली बार पूछा सवाल

हिमाचल विधानसभा में देखने मिला अनोखा पल विधायक पत्नी ने cm सुक्खू से पहली बार पूछा सवाल

Himachal news: हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सोमवार को उस वक्त एक दिलचस्प और अहम क्षण देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से खुद उनकी पत्नी और विधायक कमलेश ठाकुर ने पहली बार प्रश्न पूछा। देहरा से निर्वाचित विधायक कमलेश ठाकुर ने मछुआरों की आजीविका से जुड़े सिल्ट के गंभीर मुद्दे को उठाया, जिस पर मुख्यमंत्री ने त्वरित कार्रवाई करवाने का भरोसा दिलाया।

मछुआरों की परेशानी गूंजी विधानसभा में

[caption id="attachment_144201" align="alignnone" width="1200"]हिमाचल विधानसभा हिमाचल विधानसभा[/caption] विधायक ठाकुर ने नदियों और बांधों में बढ़ती सिल्ट के कारण मछुआरों को हो रही दिक्कतों का मुद्दा विधानसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि यह समस्या सिर्फ देहरा क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि सतलुज, ब्यास और अन्य नदियों के किनारे बसे कई क्षेत्रों में लोगों की आजीविका पर असर डाल रही है। इस मुद्दे का अन्य विधायकों ने भी समर्थन किया।

CM बोले- ‘समस्या का समाधान करेंगे’

मुख्यमंत्री सुक्खू ने जवाब देते हुए कहा कि देहरा क्षेत्र का बड़ा हिस्सा भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) के अधीन आता है, इसलिए इस विषय पर संबंधित प्राधिकरण के साथ समन्वय किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाएगी।

पौंग डैम में ड्रेजिंग की तैयारी

सीएम सुक्खू ने आगे स्पष्ट किया कि पौंग डैम में ड्रेजिंग की अत्यंत आवश्यकता है और इसके लिए सरकार को किसी अतिरिक्त अनुमति की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि ड्रेजिंग प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए जियो-मैपिंग करवाई जाएगी, जिससे सिल्ट हटाने का काम तेज हो सके।

प्रदेश के वन और खनन विभाग मिलकर करेंगे काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उन क्षेत्रों की पहचान कराएगी जहां अधिक मात्रा में सिल्ट जमा हो रही है। इस कार्य के लिए वन और खनन विभाग संयुक्त रूप से काम करेंगे। साथ ही, स्थानीय विधायक और जिला उपायुक्त भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
विपक्ष ने भी खड़े किये सवाल
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने ब्यास नदी में बार-बार हो रहे नुकसान और 2023 की आपदा के दौरान इस्तेमाल हुई मशीनरी पर सवाल उठाए। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चैनलाइजेशन के बजाय ड्रेजिंग पर फोकस कर रही है और यदि कहीं अनियमितता पाई जाती है तो उसकी जांच कराई जाएगी।
सरकार का फोकस साफ़- मछुआरों की आजीविका बचाना
मुख्यमंत्री ने बताया कि सिल्ट से प्रभावित मछुआरों की भरपाई के लिए बजट में कई योजनाएं लाई गई हैं। सरकार का उद्देश्य नदियों और खड्डों से सिल्ट हटाकर प्राकृतिक प्रवाह को बहाल करना और लोगों की आजीविका को सुरक्षित करना है।

संबंधित सामग्री

स्लीमनाबाद टनल उद्घाटन से 1500 गांवों को मिलेगी सिंचाई सुविधा

राज्य

स्लीमनाबाद टनल उद्घाटन से 1500 गांवों को मिलेगी सिंचाई सुविधा

मध्यप्रदेश में स्लीमनाबाद टनल का उद्घाटन जल्द होने वाला है, जिससे 1500 गांवों की लगभग ढाई लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी।

कोटा में कथित ऑनलाइन नेटवर्क का खुलासा, हिन्दू महिलाओं को निशाना बनाने के आरोप; पाकिस्तान लिंक की भी जांच

देश-विदेश

कोटा में कथित ऑनलाइन नेटवर्क का खुलासा, हिन्दू महिलाओं को निशाना बनाने के आरोप; पाकिस्तान लिंक की भी जांच

कोटा में ऑनलाइन नेटवर्क के जरिए महिलाओं की गोपनीयता में दखल देने का मामला सामने आया है, पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया।

हिमाचल के CBSE स्कूलों में जल्द होगी शिक्षकों की भर्ती, 30 जून तक नियुक्त होंगे योग व संगीत शिक्षक: सीएम सुक्खू

राज्य

हिमाचल के CBSE स्कूलों में जल्द होगी शिक्षकों की भर्ती, 30 जून तक नियुक्त होंगे योग व संगीत शिक्षक: सीएम सुक्खू

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नए शिक्षकों की भर्ती का ऐलान किया।

झारखण्ड सीएम सोरेन को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, आचार संहिता उल्लंघन का मामला हुआ खारिज

राज्य

झारखण्ड सीएम सोरेन को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, आचार संहिता उल्लंघन का मामला हुआ खारिज

झारखंड हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ 2014 के विधानसभा चुनाव से जुड़ी FIR को निरस्त कर उन्हें बड़ी कानूनी राहत प्रदान की है।

सरकार ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के प्रतिबंध को हटाया, नए कनेक्शन पर राहत नहीं

देश-विदेश

सरकार ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के प्रतिबंध को हटाया, नए कनेक्शन पर राहत नहीं

केन्द्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के वितरण पर लगाई गई रोक हटा दी है, जिससे वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को राहत मिलेगी।