झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों को सोमवार को निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के दौरान कोई भी पात्र नागरिक केवल जानकारी के अभाव में मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रह जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पुनरीक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी, सुगम और जनहितकारी बनाने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए।
झारखण्ड सीएम हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री सोरेन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एसआईआर के तहत गणना प्रपत्र भरने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों और निर्धारित समय-सीमा की जानकारी राज्य के प्रत्येक घर तक पहुंचे। इसके साथ ही सभी बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) का नियमित प्रशिक्षण और उन्मुखीकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे मतदाताओं की प्रभावी ढंग से सहायता कर सकें।
बुजुर्गों, दिव्यांगों और आदिवासी क्षेत्रों पर विशेष फोकस
हेमंत सोरेन ने कहा कि किसी भी नागरिक के मन में गणना प्रपत्र, जरूरी दस्तावेज या प्रक्रिया को लेकर कोई भ्रम नहीं रहना चाहिए। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिया कि व्यापक जन-जागरूकता अभियान लगातार चलाए जाएं और विशेष रूप से बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, आदिवासी समुदायों तथा राज्य से बाहर रह रहे झारखंडियों तक आवश्यक जानकारी पहुंचाने के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सभी बीएलओ नागरिकों के साथ विनम्र, सम्मानजनक और सहयोगात्मक व्यवहार करें तथा प्रत्येक पात्र मतदाता को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएं, ताकि किसी भी योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची से न छूटे।
सोशल मीडिया पर सामने आई शिकायत के बाद लिया संज्ञान
मुख्यमंत्री का यह निर्देश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर सामने आई एक रिपोर्ट के बाद आया है। एक संस्थान ने दावा किया था कि झारखंड के आदिवासी इलाकों में कई बूथों पर करीब 30 प्रतिशत मतदाताओं के नाम एसआईआर की 'लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी' सूची में दिखाई दे रहे हैं। साथ ही यह भी कहा गया था कि कई मतदाताओं के पूर्वजों के नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं हैं।
SIR
इन दावों पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 'एक्स' के माध्यम से अधिकारियों को निर्देश जारी किए और यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि किसी भी पात्र मतदाता को प्रक्रिया संबंधी भ्रम या जानकारी के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े।
बोकारो की इंटर टॉपर छात्रा की मदद के भी दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने बोकारो जिले की मेधावी छात्रा छोटी कुमारी की उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने बोकारो के उपायुक्त को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा, जबकि उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार को भी मामले में संज्ञान लेने के निर्देश दिए।
जानकारी के अनुसार, कसमार प्रखंड के खैराचातर गांव की रहने वाली छोटी कुमारी ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की इंटरमीडिएट कला संकाय परीक्षा में प्रदेश में शीर्ष स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री को उसकी उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग की आवश्यकता की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने तत्काल सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।