रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के बड़गाईं जमीन मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में विशेष PMLA अदालत के आदेश को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनकी ओर से दाखिल क्रिमिनल रिट याचिका पर आज, 29 सितंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। अदालत सबसे पहले यह तय करेगी कि मुख्यमंत्री की याचिका इस स्तर पर सुनवाई योग्य है या नहीं।
8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है मामला
यह मामला रांची के बड़गाईं अंचल की करीब 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की जांच में जमीन के रिकॉर्ड में कथित हेरफेर, फर्जी दस्तावेज और जमीन पर कथित अवैध कब्जे से जुड़े आरोपों की जांच की गई है। इसी मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में हेमंत सोरेन समेत अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई चल रही है।
हेमंत सोरेन ने विशेष PMLA अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया को टालने की मांग स्वीकार नहीं की गई थी। उनकी ओर से मामले की कानूनी कार्यवाही पर हाईकोर्ट के हस्तक्षेप की मांग की गई है।

आज हाईकोर्ट में क्या होगा?
आज की सुनवाई में हाईकोर्ट सीधे मामले के आरोपों पर अंतिम फैसला नहीं करेगा। सबसे पहले अदालत यह देखेगी कि हेमंत सोरेन की ओर से दाखिल याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं। इसके बाद अदालत मामले की आगे की प्रक्रिया को लेकर निर्देश दे सकती है।
इससे पहले 18 सितंबर को हाईकोर्ट ने इस मामले में PMLA अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की थी। इसके बाद सोरेन की ओर से नई याचिका दाखिल की गई है।

30 सितंबर को PMLA कोर्ट में भी सुनवाई
इस मामले में रांची की विशेष PMLA अदालत ने हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया के लिए 30 सितंबर की तारीख तय की है। 24 सितंबर को सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए थे। उन्होंने मामले से जुड़े दस्तावेजों को देखने के लिए समय मांगा था, जिसके बाद अदालत ने उन्हें समय दिया था।
मामले में 16 अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जा चुके हैं। अब हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया बाकी है। ऐसे में 29 सितंबर की हाईकोर्ट सुनवाई और 30 सितंबर की PMLA कोर्ट की कार्यवाही इस मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। मामला अभी अदालत में विचाराधीन है और आरोपों पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं आया है।