पंजाब में ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। ED ने पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, पंचकूला, मोहाली और लुधियाना में कुल 26 ठिकानों पर सर्च और सर्वे किया। जांच के दायरे में GMADA के कार्यालयों के अलावा अधिकारियों, बिल्डरों और रियल एस्टेट कंपनियों से जुड़े परिसर भी शामिल हैं।
इसी बीच पंजाब सरकार ने बुधवार देर रात पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख करते हुए मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की। अदालत ने ED की तलाशी कार्रवाई की निगरानी के लिए एक वारंट ऑफिसर नियुक्त किया है।
हाईकोर्ट की निगरानी में ED की कार्रवाई
हाईकोर्ट ने नियुक्त वारंट ऑफिसर को तलाशी वाले परिसरों में किसी भी समय जाकर कार्रवाई की स्थिति देखने और अदालत के समक्ष रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। वारंट ऑफिसर को गुरुवार दोपहर दो बजे तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करनी है।
इस आदेश के बाद GMADA और उससे जुड़े परिसरों में चल रही ED की कार्रवाई पर न्यायिक निगरानी शुरू हो गई है। मामले में अदालत की रिपोर्ट पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।
मंत्री के रिश्तेदार के घर कई घंटे तलाशी
ED ने बुधवार को पंजाब के आवास एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के रिश्तेदार गुरप्रीत सिंह सैनी उर्फ प्रिंस के लुधियाना स्थित साहनेवाल आवास पर भी तलाशी ली। रिपोर्टों के मुताबिक, ED की टीम दोपहर करीब ढाई बजे वहां पहुंची और कई घंटे तक दस्तावेजों तथा अन्य रिकॉर्ड की जांच करती रही।
इसके अलावा देर रात ED की टीम दिल्ली के पूर्व मंत्री सतेंद्र जैन के आवास पर भी पहुंची और तलाशी ली।
ED सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया गया है कि पंजाब के एक IAS अधिकारी के आवास से करीब 2.5 करोड़ रुपये नकद, लगभग 1.25 किलोग्राम सोना-चांदी और जमीन से संबंधित कुछ दस्तावेज मिले हैं। हालांकि, इन कथित बरामदगियों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
रवनीत बिट्टू के दावे से सियासी हलचल
ED की कार्रवाई के बीच बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने पंजाब की राजनीति में हलचल बढ़ा दी। बिट्टू ने दावा किया कि पंजाब का एक मंत्री देश छोड़कर चला गया है। हालांकि, उन्होंने अपनी पोस्ट में मंत्री का नाम नहीं बताया और इस दावे की आधिकारिक पुष्टि भी नहीं हुई है।
बाद में इस दावे को मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां से जोड़कर देखा गया, लेकिन इसकी भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स से जुड़ा है मामला
ED के अनुसार, पूरी कार्रवाई तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की जा रही है। एजेंसी ने कंपनी के प्रमोटरों, निदेशकों और उनसे जुड़े लोगों के परिसरों को भी जांच के दायरे में लिया है।
जांच का फोकस रियल एस्टेट कारोबार, जमीन से जुड़े लेनदेन और GMADA से संबंधित कथित वित्तीय अनियमितताओं पर है। दिल्ली, मोहाली, चंडीगढ़, पंचकूला और लुधियाना में हुई कार्रवाई के दौरान ED ने दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच की है।

करीब 36 घंटे से अधिक समय से जारी कार्रवाई ने पंजाब के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। अब हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त वारंट ऑफिसर की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि तलाशी के दौरान क्या कार्रवाई हुई और किन दस्तावेजों या अन्य सामान की जांच अथवा जब्ती की गई।