IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में उनके माता-पिता रवींद्र और सोनाली गुरुवार को मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल पर बैठ गए। परिवार ने बेटे की मौत की जल्द जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। साहिल के पिता ने आरोप लगाया कि उनके बेटे ने संस्थान में जातिगत भेदभाव और प्रताड़ना की बात परिवार को बताई थी।
माता-पिता भूख हड़ताल पर
साहिल के माता-पिता ने बेटे की मौत के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर आजाद मैदान में भूख हड़ताल शुरू की। पिता रवींद्र वाकोडे का कहना है कि अगर FIR में लोगों के नाम दर्ज हैं तो अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर बेटे को प्रताड़ित करने का आरोप है, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
राहुल गांधी से वीडियो कॉल
भूख हड़ताल से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने साहिल के माता-पिता से वीडियो कॉल पर बातचीत की। परिवार के मुताबिक, राहुल गांधी ने उन्हें मदद का भरोसा दिया। माता-पिता ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष से भी मुलाकात की और मामले की जल्द जांच की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
परीक्षा के बाद हॉस्टल पहुंचे साहिल
22 साल के साहिल IIT बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में सेकेंड ईयर के छात्र थे। 18 सितंबर को मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान उनके पास मोबाइल फोन मिलने की बात सामने आई थी। CCTV फुटेज के मुताबिक, प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला ने साहिल से बात की और उनका मोबाइल फोन व आंसर शीट ले ली। इसके बाद साहिल परीक्षा हॉल से बाहर चले गए। क्राइम ब्रांच के अनुसार, साहिल करीब 1:25 बजे हॉस्टल के कमरे में पहुंचे थे। इसके बाद वे कमरे से बाहर नहीं निकले और बाद में कमरे में मृत मिले। पुलिस परीक्षा हॉल, कैंपस और हॉस्टल की CCTV फुटेज की जांच कर रही है।
IIT ने बनाई 10 सदस्यीय कमेटी
IIT बॉम्बे ने मामले की जांच के लिए 10 सदस्यीय हाईलेवल कमेटी बनाई है। कमेटी की अध्यक्षता IIT पालक्कड़ के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन प्रो. रमेश वेंकटेश्वरन कर रहे हैं। कमेटी साहिल की मौत से पहले की परिस्थितियों और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच करेगी।
नकल के बयान पर IIT ने यू-टर्न लिया
IIT बॉम्बे ने शुरुआत में कहा था कि साहिल मिड-सेमेस्टर परीक्षा में मोबाइल से नकल करते पकड़े गए थे और ChatGPT पर प्रश्नपत्र अपलोड करने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, बाद में संस्थान ने अपना बयान वापस ले लिया। IIT ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले इस तरह का बयान देना उचित नहीं था। साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे में छात्रों ने भी प्रदर्शन किया था। छात्रों ने स्वतंत्र जांच, संबंधित प्रोफेसर पर कार्रवाई, मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और संस्थान के फैसलों में छात्रों की भागीदारी समेत 18 मांगें रखी थीं। इनमें से कुछ मांगों पर संस्थान की ओर से सहमति जताई गई है, जबकि अन्य पर प्रक्रिया जारी है।