चंडीगढ़, 29 सितंबर 2026: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरकारी विभागों की ओर से कंपनियों, फर्मों और ठेकेदारों के भुगतान में होने वाली अनावश्यक देरी को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को ऐसी योजना तैयार करने को कहा है, जिसके तहत विभागीय स्तर पर भुगतान में देरी होने पर संबंधित कंपनी, फर्म या ठेकेदार को देरी की अवधि का ब्याज दिया जाएगा।

देरी का आर्थिक बोझ ठेकेदारों पर नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास परियोजनाओं और विभिन्न सरकारी कार्यों के लिए कंपनियों, फर्मों और ठेकेदारों से सेवाएं ली जाती हैं। ऐसे में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनकी देय राशि का समय पर भुगतान करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर विभागीय स्तर पर अनावश्यक देरी होती है, तो उसका वित्तीय बोझ संबंधित फर्म या ठेकेदार पर नहीं डाला जाना चाहिए। भुगतान में देरी की शिकायतों को देखते हुए वित्त विभाग को इसके लिए स्पष्ट प्रक्रिया और नियम तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिम्मेदार अधिकारी से होगी ब्याज राशि की वसूली
मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित योजना में अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने का भी निर्देश दिया है। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की वजह से भुगतान में अनावश्यक देरी होती है और सरकार को ब्याज का भुगतान करना पड़ता है, तो उस ब्याज राशि की वसूली जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी से करने का प्रावधान योजना में शामिल किया जाएगा।
डिजिटल भुगतान व्यवस्था पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने विभागों में डिजिटल बिल प्रक्रिया, ई-बिलिंग और ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया। बैठक में सरकारी कामकाज को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और जवाबदेह बनाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की गई।
सरकार का उद्देश्य भुगतान प्रक्रिया में अनावश्यक देरी को कम करना और विकास परियोजनाओं से जुड़े कामों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना है।