चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ पात्र लोगों तक पहुंचे। मंगलवार को चंडीगढ़ में हुई राज्य सरकार के प्रमुख विभागों की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी योजना की सफलता सिर्फ आंकड़ों से नहीं, बल्कि जमीन पर दिखने वाले असर से तय होनी चाहिए। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण, बागवानी, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड, विकास एवं पंचायत, सिंचाई एवं जल संसाधन और सहकारिता विभाग के कामकाज की समीक्षा की गई। इस दौरान विभागों में किए जा रहे कार्यों और तकनीकी सुधारों की भी जानकारी मुख्यमंत्री ने ली।
खाद वितरण में 820 करोड़ की सब्सिडी बचत
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने बैठक में बताया कि एकीकृत उर्वरक प्रबंधन प्रणाली (IFMS) को 'मेरी फसल मेरा ब्योरा' पोर्टल से जोड़ा गया है। इसके तहत पीओएस मशीनों के जरिए सत्यापित और पंजीकृत किसानों को ही खाद उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार के अनुसार, इस व्यवस्था से यूरिया और डीएपी की कालाबाजारी के साथ-साथ इनके औद्योगिक इस्तेमाल पर भी रोक लगाने में मदद मिली है। 8 अक्टूबर 2025 से 14 सितंबर 2026 के बीच इस व्यवस्था के जरिए 820 करोड़ रुपये की सब्सिडी बचत दर्ज की गई।
कृषि वैज्ञानिक खेतों तक पहुंचें
मुख्यमंत्री सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि वैज्ञानिक नियमित रूप से किसानों के बीच जाएं और उनकी समस्याओं को सीधे समझें। उन्होंने फसलों में कीट और रोग फैलने के कारणों पर शोध करने और उनके समाधान तलाशने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने नई तकनीक और फसलों की बेहतर किस्मों पर काम के लिए अलग शोध केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषि अनुसंधान किसानों की वास्तविक जरूरतों से जुड़ा होना चाहिए, ताकि शोध का फायदा सीधे खेत तक पहुंच सके।
पात्र किसानों को मिले बीमा का पूरा लाभ
बैठक में हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की मुख्यमंत्री किसान एवं खेतिहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना की भी समीक्षा हुई। CM सैनी ने अधिकारियों से कहा कि योजना के तहत हर पात्र किसान को पूरा लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने वास्तविक नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब जरूरतमंद लोगों तक उनका लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे।
996 अटल लाइब्रेरी तैयार
विकास एवं पंचायत विभाग की ओर से अटल लाइब्रेरी पहल की जानकारी भी बैठक में दी गई। इन लाइब्रेरी का उद्देश्य गांवों के विद्यार्थियों और युवाओं को पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। अधिकारियों के मुताबिक, पहले चरण में 996 अटल लाइब्रेरी तैयार हो चुकी हैं। वहीं दूसरे चरण में 86.6 करोड़ रुपये के बजट से 1,000 नई लाइब्रेरी बनाई जा रही हैं।
500 लाइब्रेरी का उद्घाटन 25 दिसंबर को
CM सैनी ने निर्देश दिए कि अटल लाइब्रेरी की इमारतों और ग्राम सचिवालयों पर सोलर पैनल लगाने का काम प्राथमिकता से किया जाए। उन्होंने दूसरे चरण में तैयार की जा रही 1,000 लाइब्रेरी में से 500 का उद्घाटन 25 दिसंबर 2026 को सुशासन दिवस के अवसर पर करने को कहा। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि इन लाइब्रेरी में किसी तरह की फीस नहीं ली जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के ज्यादा से ज्यादा बच्चों को पढ़ाई की सुविधा मिल सके।
ग्रामीण क्षेत्रों में इंडोर जिम पर भी जोर
बैठक में ग्रामीण युवाओं के बीच फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए बनाए जा रहे इंडोर जिम की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में अब तक 468 ग्रामीण इंडोर जिम तैयार किए जा चुके हैं। इसके अलावा 234 और इंडोर जिम बनाने के आदेश जारी किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और युवाओं से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया।