हरियाणा सरकार ने प्रदेश में वन विभाग को मजबूत करने और वन संरक्षण व्यवस्था को प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को विभाग में खाली पड़े फॉरेस्ट गार्ड के पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में हरित क्षेत्र को बढ़ाने, जंगलों की सुरक्षा मजबूत करने और पौधारोपण अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केवल पौधे लगाने तक अभियान सीमित न रहे, बल्कि लगाए गए पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल की भी पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी
पौधारोपण अभियान में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर
वन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने पंचायतों, शहरी निकायों, नगर निगमों, नगर परिषदों और अन्य सरकारी संस्थानों में पौधारोपण के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लगाए जाने वाले प्रत्येक पौधे की जियो-टैगिंग की जाए, ताकि उनकी निगरानी और संरक्षण का पूरा रिकॉर्ड तैयार हो सके।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन सरकारी संस्थानों और कार्यालयों में पौधारोपण किया जाएगा, वहां पौधों की देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए। इससे पौधारोपण अभियान को लंबे समय तक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
वन विभाग
अवैध कटान रोकने और जंगलों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश
नायब सिंह सैनी ने वन सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने खैर, साल और शीशम जैसी महत्वपूर्ण प्रजातियों के पेड़ों की सुरक्षा के लिए जियो-फेंसिंग और नंबरिंग कर डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने को कहा।
उन्होंने जंगलों के आसपास स्थित चेक पोस्टों को और प्रभावी बनाने तथा फॉरेस्ट गार्ड द्वारा नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अवैध पेड़ कटाई पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई की आवश्यकता भी जताई।
वन विभाग में भर्ती के साथ अग्निवीरों को भी मिलेगा अवसर
बैठक में मुख्यमंत्री ने वन विभाग के रिक्त फॉरेस्ट गार्ड पदों को जल्द भरने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने निर्धारित प्रावधानों के अनुसार 20 प्रतिशत पद अग्निवीरों से भरने की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाने को कहा।
वनाग्नि रोकने और जल संरक्षण पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने जंगलों में आग की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए वनाग्नि रोकने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जंगलों में आग लगाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने जल संरक्षण को वन संरक्षण का अहम हिस्सा बताते हुए डैमों की क्षमता बढ़ाने, जल संचयन को मजबूत करने और वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं के पुनर्जीवन पर विशेष ध्यान देने को कहा।
वन महोत्सव को जन आंदोलन बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने आगामी वन महोत्सव को व्यापक जनभागीदारी वाला अभियान बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस अभियान से सरकारी विभागों, शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, औद्योगिक इकाइयों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों को जोड़ा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है। आधुनिक तकनीक, बेहतर निगरानी और जनभागीदारी के माध्यम से हरियाणा में हरित क्षेत्र बढ़ाने के लक्ष्य को गति दी जाएगी।