दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में UP में बुधवार को सपा-कांग्रेस सड़क पर उतर आई है। काशी में अंबेडकर मूर्ति की तरफ बढ़े युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक हुई। पुलिस उन्हें टांगकर ले गई। उन्नाव में प्रदर्शनकारी समाजवादी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने ठूस-ठूस कर बस में भरा और पुलिस लाइन ले आई। कुछ कार्यकर्ता बस की छत पर बैठे नजर आए।
पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक
मेरठ में पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। आगरा में डफली बजाकर सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। राज्य में पुलिस ने सपा-कांग्रेस के 50 से अधिक कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट कर रखा है। उधर, संसद में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भड़क गए। उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला पर बोलने का मौका न देने का आरोप लगाया। कहा- कांग्रेस और BJP को बोलने मौका मिला, लेकिन हमें नहीं दिया गया। यह मुद्दा सपा, कांग्रेस और BJP का नहीं है, यह छात्रों और नौजवानों का मुद्दा है। पुलिस को बेटियों के कपड़े फाड़ने का अधिकार किसने दिया?
धरने पर बैठे नगीना सांसद
वहीं, नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद 50 घंटे से धरने पर बैठे हुए हैं। तेज बारिश के बीच भी संसद भवन परिसर में प्रदर्शन कर रहे हैं। अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा- सरकार का रवैया पूरी तरह तानाशाही जैसा हो चुका है। इधर सुल्तानपुर में हॉउस अरेस्टिंग की कार्रवाई के बावजूद सपाई पहरा तोड़कर सड़क पर उतर आए। कलेक्ट्रेट पहुंचकर सैकड़ों सपाइयों ने प्रदर्शन करते हुए सरकार के विरोध में नारे लगाए गए। पुलिस से उनकी झड़प हुई। कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने घसीटकर उठाया। इस दौरान सपाइयों की पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई।