मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए। कार्य समिति की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्कूली शिक्षा की स्थिति चिंताजनक है। कांग्रेस ने सरकार से शिक्षा व्यवस्था पर तत्काल श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।
पंचायत स्तर से हर स्कूल तक पहुंचेगी कांग्रेस
जीतू पटवारी ने कहा कि शिक्षा बच्चों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है और इस पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम होना चाहिए। उन्होंने ऐलान किया कि कांग्रेस अब प्रदेश के हर स्कूल तक पहुंचेगी। पंचायत कमेटी के अध्यक्षों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जो अपने क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों का जायजा लेकर वहां की वास्तविक स्थिति सामने लाएंगे।
स्कूलों की तस्वीरें और वीडियो होंगे साझा
कांग्रेस के पंचायत स्तर के पदाधिकारी सरकारी स्कूलों में जाकर व्यवस्थाओं की पड़ताल करेंगे। स्कूलों की स्थिति, सुविधाओं की कमी और अन्य समस्याओं की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया के जरिए साझा किए जाएंगे। कांग्रेस का दावा है कि इससे जमीनी स्तर पर शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
सरकार के सहयोग को तैयार: पटवारी
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार का सहयोग करने को तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में सुधार नहीं करना गंभीर समस्या है। उनका कहना था कि जो लोग सरकार से सवाल पूछते हैं, उन पर कार्रवाई या दबाव बनाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए।
वंदे मातरम पर भाजपा को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीतू पटवारी ने ‘वंदे मातरम’ को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद पर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पूरी तरह समझती है। उनके मुताबिक देशभक्ति किसी एक राजनीतिक दल की जागीर नहीं है।
भाजपा-RSS से देशभक्ति सीखने से इनकार
पटवारी ने भाजपा और RSS पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस को उनसे देशभक्ति सीखने की जरूरत नहीं है। उन्होंने आजादी की लड़ाई में भाजपा और संघ की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इन संगठनों ने राष्ट्र के साथ धोखा किया है।
प्रदेशभर में सियासी अभियान की तैयारी
कांग्रेस का यह अभियान अब सिर्फ राजधानी तक सीमित नहीं रहेगा। पंचायत स्तर के कार्यकर्ताओं के जरिए सरकारी स्कूलों की जमीनी स्थिति सामने लाने की तैयारी है। आने वाले दिनों में स्कूलों से जुड़ी समस्याओं को लेकर कांग्रेस सरकार पर और दबाव बना सकती है।