PWD मंत्री के गृह जिले में भ्रष्टाचार की आशंका : निर्माणाधीन स्लैब भरभराकर गिरा,...

बिलासपुर परियोजना विवाद

PWD मंत्री के गृह जिले में भ्रष्टाचार की आशंका : निर्माणाधीन स्लैब भरभराकर गिरा, वीडियो वायरल, जांच की उठी मांग

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक PWD परियोजना के निर्माणाधीन स्लैब के ढहने की घटना का वीडियो वायरल हो गया है, जिससे गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।

pwd मंत्री के गृह जिले में भ्रष्टाचार की आशंका  निर्माणाधीन स्लैब भरभराकर गिरा वीडियो वायरल जांच की उठी मांग

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर संभाग में लोक निर्माण विभाग (PWD) की एक निर्माणाधीन परियोजना को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मोतिपुर (अमरटापू) मंदिर पहुंच मार्ग निर्माण के दौरान एक स्लैब के ढहने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता, विभागीय निगरानी और संभावित अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

1.10 किलोमीटर लंबे पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य चल रहा

जानकारी के अनुसार मोतिपुर (अमरटापू) मंदिर के दोनों ओर लगभग 1.10 किलोमीटर लंबे पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य चल रहा है। इस परियोजना का कार्यादेश 12 नवंबर 2024 को जारी किया गया था और इसका जिम्मा मुंगेली की कांति कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपा गया है। परियोजना की निगरानी लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा की जा रही है।

मानकों के पालन को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे

वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि निर्माणाधीन स्लैब अचानक भरभराकर गिर गया। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य तय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप किया गया था, तो निर्माणाधीन संरचना के ढहने की नौबत क्यों आई। साथ ही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के पालन को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

जवाबदेही तय करने की मांग उठ रही

हालांकि विभाग की ओर से कार्यपालन अभियंता एस.के. सतपति ने स्पष्ट किया है कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया गया है और क्षतिग्रस्त हिस्से को सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद विभाग की कार्रवाई को लेकर लोगों में संतोष नहीं है और जवाबदेही तय करने की मांग उठ रही है।

पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे

मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के गृह जिले से जुड़ा बताया जा रहा है। ऐसे में विपक्ष और स्थानीय नागरिक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

क्षेत्र के लोगों ने निर्माण कार्य में इस्तेमाल सामग्री, डिजाइन और तकनीकी प्रक्रिया की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। अब सभी की नजरें सरकार और विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
 

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