बिहार: नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार को आई भीषण बाढ़ और तबाही के बाद बिहार में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। बगहा स्थित गंडक बैराज से सुबह से कई बार पानी छोड़ा गया है। बैराज के 36 गेट खोल दिए गए हैं और नेपाल की ओर से लगातार बड़ी मात्रा में पानी आने के कारण प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
गंडक बैराज से तेजी से छोड़ा जा रहा पानी
रात 12 बजे बैराज से करीब 1 लाख 52 हजार क्यूसेक, सुबह 6 बजे 88 हजार, 7 बजे 92,900 और 10 बजे 1 लाख 4,400 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। इस हिसाब से बैराज से करीब 79.3 लाख लीटर पानी हर सेकेंड निकल रहा है। बाढ़ के पानी के साथ नेपाल से मलबा और घरेलू सामान भी बहकर बिहार पहुंच रहा है। गंडक बैराज के पास भैंस, फ्रिज और घरों का सामान बहकर आने के वीडियो सामने आए हैं।
CM सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वे
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गंडक इलाके का हवाई सर्वे किया और इसके बाद गंडक बैराज का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली और मुख्य सचिव को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने काम में लगे हुए हैं और उम्मीद जताई कि जल्द हालात सामान्य होंगे।
8 जिलों में हाई अलर्ट
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, नेपाल से आने वाले पानी के कारण गंडक में करीब 3 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं। फ्लैश फ्लड की आशंका को देखते हुए बिहार के 8 जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। इनमें पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर शामिल हैं।
लोगों को सुरक्षित स्थानों पर किया जा रहा शिफ्ट
प्रशासन ने नेपाल से आने वाले अतिरिक्त पानी के लिए गंडक बैराज में जगह बनाने की तैयारी तेज कर दी है। पानी से जुड़ी कई नहरों को भी खाली कराया गया है। गंडक नदी के किनारे बसे लोगों को एहतियात के तौर पर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों में NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं। प्रभावित लोगों के लिए कम्युनिटी किचन की व्यवस्था भी की जा रही है।
गंडक में 3-4 लाख क्यूसेक पानी आने का अनुमान
नेपाल से आने वाले पानी को लेकर अनुमान है कि गंडक नदी में करीब 3 से 4 लाख क्यूसेक पानी पहुंच सकता है। तेज बहाव को देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। हालांकि, वाल्मीकिनगर गंडक बैराज को करीब 8.5 लाख क्यूसेक पानी का दबाव झेलने के हिसाब से डिजाइन किया गया है। ऐसे में 3 से 4 लाख क्यूसेक पानी आने पर बैराज के लिए फिलहाल बड़ा खतरा नहीं माना जा रहा। चिंता मुख्य रूप से नदी के तेज करंट को लेकर है। तेज बहाव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी में जाने और नाव चलाने से बचने की अपील की है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को लगातार सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
नेपाल बॉर्डर पर आवाजाही प्रतिबंधित
बगहा में नेपाल बॉर्डर पर एहतियात के तौर पर नाकेबंदी जारी है। बिहार के जो लोग नेपाल में फंसे हुए हैं, उन्हें भारत आने की अनुमति दी जा रही है। वहीं, नेपाल के जो नागरिक बिहार में फंसे हैं, उन्हें नेपाल जाने दिया जा रहा है। इसके अलावा अन्य लोगों की आवाजाही पर फिलहाल रोक जारी है। प्रशासन की नजर गंडक के जलस्तर और नेपाल से आने वाले पानी पर बनी हुई है।