बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। इस दौरान बिहार के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने मुलाकात को राज्य के हितों और विकास से जुड़े विषयों को केंद्र सरकार के सामने रखने की दिशा में अहम कदम बताया।
नेपाल से जुड़े जल और बांध परियोजनाओं पर मंथन
बैठक में भारत-नेपाल से जुड़े जल संसाधन और बांध परियोजनाएं प्रमुख मुद्दों में शामिल रहीं। खासतौर पर नेपाल से आने वाली नदियों के पानी और उससे जुड़े प्रबंधन को लेकर बिहार की चिंताओं पर चर्चा हुई। उत्तर बिहार में नेपाल से आने वाली नदियों के कारण बारिश के मौसम में बाढ़ का खतरा बना रहता है। ऐसे में जल प्रबंधन और संबंधित परियोजनाओं को लेकर केंद्र के स्तर पर समन्वय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री की विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हुई बैठक में भारत-नेपाल जल संबंधी विषयों के अलावा बांध और अन्य परियोजनाओं को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।
बिहार के बजट और वित्तीय जरूरतों पर भी बात
सम्राट चौधरी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ मुलाकात में बिहार से जुड़े बजट और वित्तीय मामलों को भी उठाया। बैठक का उद्देश्य राज्य के विकास के लिए जरूरी वित्तीय और अन्य सहयोग से जुड़े विषयों पर केंद्र के साथ समन्वय मजबूत करना रहा।
बिहार सरकार की ओर से विकास परियोजनाओं और जनहित से जुड़े मामलों में केंद्र के सहयोग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में वित्त मंत्रालय के साथ हुई यह बैठक राज्य की वित्तीय प्राथमिकताओं के लिहाज से अहम रही।
पर्यटन विकास पर भी हुई चर्चा
बैठक में बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। राज्य में पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने और इससे जुड़ी गतिविधियों को गति देने के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया गया। बिहार में धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन के विस्तार को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में भी इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
केंद्र के साथ बेहतर समन्वय पर जोर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ इन बैठकों में बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा भी मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई बातचीत में राज्य के विकास, बजट, पर्यटन और भारत-नेपाल से जुड़े जल एवं बांध परियोजनाओं समेत बिहार के हित से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन बैठकों का मकसद बिहार से जुड़े मुद्दों को केंद्र के समक्ष प्रभावी ढंग से रखना और राज्य के विकास के लिए केंद्र-राज्य समन्वय को और मजबूत करना है।