भोपाल के कोहेफिजा थाने में पदस्थ टू-आईसी (सेकेंड इन कमांड) के.जी. शुक्ला को भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया है। डीसीपी जोन-3 आयुष गुप्ता ने यह कार्रवाई की है। शुक्ला पर क्षेत्र में संचालित कथित अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने और पुलिस कार्यप्रणाली में लापरवाही बरतने के आरोप लगे हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में थाने के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कराई जा रही है। जांच में जिनकी संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतें
बताया जा रहा है कि के.जी. शुक्ला के खिलाफ लंबे समय से कई गंभीर शिकायतें पुलिस विभाग को मिल रही थीं। इनमें अपराधियों से कथित सांठगांठ, कार्यप्रणाली में अनियमितता और जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही जैसे आरोप शामिल थे।
इन शिकायतों को देखते हुए पुलिस विभाग ने उनकी गतिविधियों और कार्यशैली पर नजर रखनी शुरू कर दी थी। इसके बाद विभागीय स्तर पर मिली जानकारी और शिकायतों की समीक्षा की गई।
थाना प्रभारी पद से हटाने के बाद भी जारी रही जांच
करीब एक महीने पहले पुलिस कमिश्नर संजय सिंह ने के.जी. शुक्ला को कोहेफिजा थाना प्रभारी के पद से हटाकर उसी थाने में टू-आईसी के पद पर भेज दिया था। इसे विभाग की ओर से शुरुआती प्रशासनिक कार्रवाई माना जा रहा था।
इसके बाद भी उनके खिलाफ प्राप्त शिकायतों की जांच और समीक्षा जारी रही। अब उपलब्ध तथ्यों और रिपोर्ट के आधार पर डीसीपी जोन-3 ने निलंबन की कार्रवाई की है।
विभागीय जांच में तय होगी आगे की कार्रवाई
निलंबन के दौरान के.जी. शुक्ला के खिलाफ विभागीय जांच की जाएगी। इस जांच में उनके खिलाफ मिली शिकायतों, आरोपों और संबंधित तथ्यों की विस्तृत पड़ताल होगी।
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो पुलिस विभाग नियमानुसार आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभाग में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।