भोपाल में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बुधवार देर रात से गुरुवार तड़के तक डेयरियों और खाद्य प्रतिष्ठानों पर बड़ी कार्रवाई की। टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में जांच करते हुए करीब 275 किलो संदिग्ध पनीर जब्त किया है। जब्त पनीर की अनुमानित कीमत करीब 1.10 लाख रुपए बताई जा रही है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने जिन प्रतिष्ठानों की जांच की, वहां पनीर की गुणवत्ता और उसके स्वरूप को लेकर संदेह सामने आया। इसके बाद नियमों के तहत पनीर को जब्त कर लिया गया। विभाग ने मौके से पनीर के नमूने भी लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि जब्त पनीर मानकों के अनुरूप है या नहीं। इसकी वास्तविक गुणवत्ता और संरचना का पता लैब रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। खाद्य विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और मानक के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए शहर में लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है।
कोलार से नादरा बस स्टैंड तक जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने आयुक्त खाद्य सुरक्षा मध्य प्रदेश के निर्देश पर भोपाल के कई इलाकों में कार्रवाई की। बुधवार देर रात टीम ने जैन डेयरी, कोलार का निरीक्षण किया। इसके बाद गुरुवार तड़के न्यू कृष्णा डेयरी, नादरा बस स्टैंड और नेशनल डेयरी समेत अन्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। अधिकारियों ने दुकानों और डेयरियों में उपलब्ध पनीर और अन्य खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता, रख-रखाव और बिक्री से जुड़ी व्यवस्थाओं को देखा। सुबह करीब 4 बजे से रेलवे स्टेशन, नादरा बस स्टैंड और आईएसबीटी सहित कई स्थानों पर भी जांच अभियान चलाया गया। अधिकारियों की टीम ने यह भी देखा कि खाद्य उत्पादों को किस तरह स्टोर किया जा रहा है और कहीं खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन तो नहीं हो रहा। इस पूरी कार्रवाई का उद्देश्य शहर में संदिग्ध या घटिया खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना बताया गया है।
गुणवत्ता पर संदेह, लिए गए पनीर के सैंपल
जांच के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों पर रखे पनीर की गुणवत्ता और उसके स्वरूप को लेकर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को संदेह हुआ। इसके बाद करीब 275 किलो पनीर को नियमानुसार जब्त कर लिया गया। अधिकारियों ने जब्त किए गए पनीर के विधिवत नमूने लिए और उन्हें खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेज दिया। अब इन नमूनों की जांच के बाद ही पता चलेगा कि पनीर खाद्य सुरक्षा के निर्धारित मानकों पर खरा उतरता है या नहीं। विभाग की टीम यह भी जांच कर रही है कि पनीर की गुणवत्ता में किसी तरह की मिलावट या मानकों से जुड़ी गड़बड़ी तो नहीं है। फिलहाल जब्त उत्पाद को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला की रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अगर जांच में नियमों का उल्लंघन मिलता है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
लैब रिपोर्ट के बाद ही होगा फैसला
खाद्य सुरक्षा विभाग ने साफ किया है कि जब्त किए गए पनीर को फिलहाल एनालॉग पनीर घोषित नहीं किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, केवल शक या पनीर के स्वरूप के आधार पर किसी उत्पाद को एनालॉग पनीर नहीं माना जा सकता। इसके लिए प्रयोगशाला जांच जरूरी है। लैब रिपोर्ट आने के बाद ही पनीर की वास्तविक संरचना और गुणवत्ता को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकलेगा। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि कहीं किसी वैकल्पिक या वनस्पति वसा आधारित उत्पाद को पनीर के नाम पर तो नहीं बेचा जा रहा था। अगर प्रयोगशाला जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और लागू नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सभी की नजर लैब रिपोर्ट पर है, जिसके आधार पर विभाग आगे का निर्णय लेगा।
D-Mart Ready समेत रिटेल प्लेटफॉर्म पर निगरानी
संदिग्ध और एनालॉग पनीर की बिक्री को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने अब संगठित रिटेल और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी निगरानी बढ़ा दी है। इसी अभियान के तहत भोपाल के डेटा कॉलोनी स्थित D-Mart Ready का निरीक्षण किया गया। टीम ने यहां पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों के नमूने लिए। अधिकारियों ने उत्पादों की लेबलिंग, पैकेजिंग, निर्माण और बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की। विभाग अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि कहीं किसी वैकल्पिक उत्पाद को पनीर के नाम पर तो नहीं बेचा जा रहा। इसके अलावा **Blinkit, D-Mart, Flipkart और Reliance Mall जैसे ई-कॉमर्स और संगठित रिटेल प्लेटफॉर्म पर भी निगरानी रखी जा रही है। विभाग का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सही लेबल और निर्धारित गुणवत्ता वाले दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराना है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित कंपनियों या प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
रिपोर्ट आने के बाद होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि जब्त किए गए 275 किलो पनीर की लैब रिपोर्ट में क्या सामने आता है। फिलहाल विभाग ने पनीर को जब्त कर उसके नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि उत्पाद खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं। अगर जांच में मिलावट, गलत लेबलिंग या किसी अन्य नियम का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं अगर पनीर जांच में मानकों के अनुरूप पाया जाता है, तो उसी आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने साफ किया है कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डेयरियों, होटल-रेस्टोरेंट, रिटेल स्टोर और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निगरानी जारी रहेगी। यानी फिलहाल कार्रवाई का अगला बड़ा फैसला लैब रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।