मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में गुरुवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां पलभर में उजाड़ दीं। चित्रकूट परीक्षा दिलाने जा रहे परिवार की अर्टिगा कार नेशनल हाईवे-43 पर सड़क किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी। हादसा इतना भयावह था कि कार के परखच्चे उड़ गए। दुर्घटना में सरपंच, उनकी हेड कॉन्स्टेबल पत्नी, एक महिला और तीन वर्षीय मासूम की मौत हो गई, जबकि परीक्षा देने जा रही युवती की सांसें थम गई थीं। डॉक्टरों ने समय रहते CPR देकर उसकी जान बचाई।
तड़के 3 से 4 बजे के बीच हुआ हादसा
पुलिस के मुताबिक, हादसा कोतवाली थाना क्षेत्र की सिविल लाइन चौकी के पास नेशनल हाईवे-43 पर हुआ। अनूपपुर जिले के लीला गांव का परिवार अर्टिगा कार से चित्रकूट जा रहा था। भरौला के पास सिद्ध बाबा क्षेत्र में कार अचानक अनियंत्रित होकर आगे खड़े ट्रक से जा टकराई।
सरपंच और हेड कॉन्स्टेबल पत्नी समेत चार की मौत
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक शर्मा के अनुसार, हादसे में लीला गांव के सरपंच कुलपत सिंह (37), उनकी पत्नी एवं हेड कॉन्स्टेबल सविता सिंह मार्को (32), प्रियंका सिंह और तीन वर्षीय रुद्र प्रताप की मौत हो गई।
जिसकी परीक्षा थी, उसी की बची जान
कार में सवार 22 वर्षीय खुशबू मार्को चित्रकूट में परीक्षा देने जा रही थी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गई और उसकी सांसें रुक गई थीं। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने तुरंत CPR देकर उसकी सांसें वापस लौटा दीं। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया है।
ड्राइवर सुरक्षित, लेकिन सदमे में
हादसे के समय कार चला रहा चालक ददन सुरक्षित बच गया, लेकिन गहरे सदमे में है। पुलिस के अनुसार, उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण अभी उससे हादसे के कारणों को लेकर पूछताछ नहीं की जा सकी है।
कार में फंसे लोगों को निकालने में लगी मशक्कत
हादसे के बाद कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। एक व्यक्ति वाहन के अंदर बुरी तरह फंस गया था। सूचना मिलते ही पुलिस और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया।