छतरपुर जिले के बरकौहा गांव में मंदिर का प्रसाद खाने के बाद एक ही परिवार के 8 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। बीमारों में तीन महिलाएं, एक पुरुष और चार बच्चे शामिल हैं। इनमें एक महिला गर्भवती है। सभी को इलाज के लिए छतरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 2 साल के बच्चे की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे PICU में रखा गया है।
प्रसाद खाने के कुछ देर बाद बिगड़ी तबीयत
परिवार के सदस्य गणेश कुशवाहा के मुताबिक, गांव के काली मंदिर में पूजा के बाद बबलू रजक ने परिवार को करीब आधा किलो पेड़ा प्रसाद के तौर पर दिया था। परिवार का दावा है कि शाम को प्रसाद खाने के करीब 20 मिनट बाद लोगों को चक्कर आने लगे और उनकी तबीयत बिगड़ गई।
परिजनों ने लगाए जादू-टोने के आरोप
परिवार ने बबलू रजक पर तांत्रिक क्रियाएं करने और प्रसाद में कुछ मिलाने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि तबीयत बिगड़ने के दौरान कुछ लोग जमीन पर गिरने लगे और असामान्य तरीके से व्यवहार करने लगे। हालांकि, इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
8 मरीज अस्पताल में भर्ती
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. शरद चौरसिया के अनुसार, सुबह करीब 6 बजे एक ही परिवार के 8 मरीज अस्पताल लाए गए थे। सभी में चक्कर आने, असामान्य व्यवहार और असंगत बातें करने जैसे लक्षण दिखाई दे रहे थे।
7 मरीजों की हालत स्थिर
डॉक्टर के मुताबिक, शुरुआती इलाज के बाद 7 मरीजों की हालत स्थिर है। वहीं 2 साल के बच्चे की स्थिति अभी गंभीर बनी हुई है। उसे PICU में रखकर डॉक्टरों की निगरानी में इलाज किया जा रहा है। गर्भवती महिला की भी गायनिक टीम ने जांच की है।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
अस्पताल प्रबंधन ने मामले की सूचना पुलिस को दे दी है। पुलिस परिजनों के आरोपों और घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। प्रसाद में किसी तरह की मिलावट हुई थी या बीमारी की कोई अन्य वजह है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।