आजमगढ़ में मंगलवार शाम शुरू हुआ घटनाक्रम करीब 7 घंटे तक चला। पत्नी और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या करने के बाद आरोपी अरविंद सिंह ने अपने तीन बच्चों को कमरे में बंधक बना लिया। पुलिस के मुताबिक, देर रात उसने 9 साल के बेटे को भी गोली मार दी। इसके बाद पुलिस ने घर में दाखिल होकर बच्चों को बाहर निकाला और जवाबी कार्रवाई में अरविंद को गोली लगी। अस्पताल में उसकी मौत हो गई।घटना अहिरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गहजी गांव की है। पुलिस के मुताबिक, घर में चार दिन से पूजा चल रही थी। इसी दौरान पत्नी से विवाद के बाद अरविंद ने लाइसेंसी हथियार से फायरिंग शुरू कर दी।
पहले पत्नी और दो पुजारियों को मारी गोली
पुलिस के अनुसार, मंगलवार शाम करीब 6 बजे अरविंद घर लौटा और पत्नी बबीता से बहस करने लगा। घर में पूजा करा रहे पुजारियों ने उसे समझाने की कोशिश की। इसी दौरान विवाद बढ़ गया।आरोप है कि अरविंद कमरे से लाइसेंसी राइफल लेकर आया और पत्नी बबीता सिंह (40), पुजारी महेंद्र पाठक (60) और अखिलेश मिश्रा (55) को गोली मार दी।फायरिंग के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई। पुजारी हिमांशु और परिवार के अन्य लोग किसी तरह बाहर निकल गए।
3 बच्चों को कमरे में बनाया बंधक
फायरिंग की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के मुताबिक, अरविंद ने अपने तीन बच्चों को कमरे में बंधक बना लिया और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने से इनकार कर दिया।मौके पर पुलिस बल बढ़ाया गया। इसके बाद SOG और ATS कमांडो को भी बुलाया गया। पुलिस लगातार आरोपी को बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने और सरेंडर करने के लिए समझाती रही।
पुलिस ने स्टेन ग्रेनेड और टियर गैस का इस्तेमाल किया
SSP के मुताबिक, आरोपी के कमरे में पुलिस के दाखिल होने से पहले स्टेन ग्रेनेड और टियर गैस का इस्तेमाल किया गया।पुलिस का कहना है कि टीम जैसे ही आगे बढ़ी, अरविंद ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। करीब 6 राउंड फायरिंग के बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की।इस दौरान गोली लगने से अरविंद घायल होकर जमीन पर गिर गया। पुलिस उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
भूत-प्रेत के शक में चल रही थी पूजा
पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, अरविंद के परिवार को आशंका थी कि उस पर भूत-प्रेत का साया है। इसी वजह से घर में चार दिनों से पूजा चल रही थी।पुजारी हिमांशु के मुताबिक, मंगलवार को पूजा की पूर्णाहुति होनी थी। परिवार ने इसी के लिए पुजारियों को बुलाया था। उनका दावा है कि अरविंद पहले ही उन्हें घर आने से मना कर चुका था।पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और फायरिंग, हथियारों के इस्तेमाल तथा घटनास्थल से मिले सबूतों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।