मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी के अवसर पर उनके जीवन और राष्ट्रसेवा को याद करते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन समाज और राष्ट्र के लिए समर्पित रहा। उन्होंने सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता के लिए सिंघल के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत बताई।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लालकृष्ण आडवाणी से जुड़े राम जन्मभूमि आंदोलन के दौर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सोमनाथ से अयोध्या तक आडवाणी की यात्रा के दौरान नरेंद्र मोदी की संगठनात्मक भूमिका महत्वपूर्ण रही थी और अशोक सिंघल का स्नेह व आशीर्वाद भी प्रधानमंत्री के साथ रहा।
डॉ. यादव ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को सदियों के संघर्ष की पूर्णता बताते हुए कहा कि अब देश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का विकास भी धार्मिक पर्यटन के साथ आर्थिक और सामाजिक बदलाव का माध्यम बन रहा है। उन्होंने काशी विश्वनाथ और महाकाल महालोक का उदाहरण दिया।
गौवंश को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार घर-घर को गोपाल बनाने की दिशा में काम कर रही है। गौशाला अनुदान को 20 से बढ़ाकर 40 रुपए प्रति गाय करने और लावारिस व वृद्ध गौवंश के पालन-पोषण का खर्च सरकार द्वारा उठाए जाने की बात उन्होंने कही। ग्वालियर, उज्जैन और इंदौर में बड़ी क्षमता वाली गौशालाओं के निर्माण का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हर साल एक लाख उन्नत देशी नस्ल की बछिया तैयार कर किसानों को उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही गोवर्धन जयंती और स्वर्गीय अशोक सिंघल के नाम पर सामाजिक समरसता के कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, धारा 370, आतंकवाद और समान नागरिक संहिता का जिक्र करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि देश को राजनीति से बड़ी राष्ट्रनीति की जरूरत है। उन्होंने मध्यप्रदेश में UCC लागू होने का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके लिए करोड़ों SMS और 10 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए थे।