CG NEWS: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले-धान में किसी प्रकार की अनियमितता नही पाई जानी चाहिए

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CG NEWS: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले-धान में किसी प्रकार की अनियमितता नही पाई जानी चाहिए

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district collector accountability in paddy procurement : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कलेक्टरों को 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी के लिए तैयारी के निर्देश दिए है. बैठक में उन्होंने कहा, कि खरीदी में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाने पर कलेक्टर जिम्मेदार होंगे. यह निर्देश जिला प्रशासन की जवाबदेही को मजबूत बनाता है और घोटाले रोकने के लिए  तंत्र को सख्त करता है.

योजनाबद्ध तैयारी के प्रमुख बिंदु

सत्यापन और रिकॉर्ड-कीपिंग: किसानों की पहचान, उनकी उपज और भुक्तान के सभी रिकॉर्ड सुव्यवस्थित और सुदृढ़ रखे जाएं. फसलों की वास्तविकता का आकलन: धान के मौद्रिक मूल्य, वजन और क्वालिटी मापदंडों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें. वितरण और लॉजिस्टिक्स: खरीद केंद्रों की संख्या, बंदोबस्ती, ट्रकिंग और भंडारण की सुविधाओं की पूर्व-योजना बनाएं. प्रशिक्षण और समर्थ तकनीक: कर्मचारियों को सत्यापन, फर्जीवाड़ा रोकथाम और शिकायत निवारण के बारे में प्रशिक्षित करें डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन पंजीकरण आदि को मजबूत किया जाए.

धान खरीदेगी सरकार

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खाद्य विभाग की समीक्षा के साथ बैठक शुरू करते हुए कहा कि किसानों का एक-एक दाना धान सरकार खरीदेगी. इसके साथ उन्होंने किसान पोर्टल में किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन समय पर पूरा करने की बात कहते हुए दूरस्थ अंचलों में नेटवर्क की समस्या होने पर विशेष शिविर लगाकर पंजीयन करने के लिए निर्देशित किया. READ MORE :मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस

अनियमितताओं के विरुद्ध कड़े उपाय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, कि धान खरीदी में किसी भी तरह की धांधली,गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अनुशासनात्मक कार्रवाई और आवश्यक कानूनी कदम उठाने के संकेत दिए गए. यह संदेश इस बात का प्रमाण है कि शासन की निगरानी कड़ी है और भ्रष्टाचार से सख्ती से निपटना इसका केंद्र बिंदु है. किसानों के हित में अपनाई जाने वाली नीतियां सुलभ पंजीकरण: किसानों के पंजीकरण के लिए सरल और पहुंच योग्य माध्यम. समयबद्ध भुगतान: धान की बिक्री के समय से भुगतान सुनिश्चित करना किसानों को उनके मेहनत का उचित मूल्य मिले. भविष्य के विपणन के लिए व्यवस्थाएं मजबूत करना.

जिला प्रशासन की निगरानी

जिलास्तरीय समितियां: निगरानी, सत्यापन और शिकायत निवारण के लिए जिलास्तरीय समिति का गठन. मानीटरिंग और समीक्षा: नियमित निरीक्षण, डेटा एकत्र और रिपोर्टिंग ताकि समय पर सुधार संभव हो. प्रशिक्षण और जागरूकता: किसानों और स्थानीय स्तर के कर्मचारियों के बीच सूचना-प्रचार और प्रशिक्षण के कार्यक्रम चलेंगे. स्पष्ट संदेश धान खरीदी किसी भी प्रकार की अनियमितता से मुक्त रहे, यह मुख्यमंत्री की प्राथमिकता है. कलेक्टरों की भूमिका इस पहल में निर्णायक है. सही तैयारी, सुदृढ़ निगरानी और किसानों के लाभ के पक्ष में त्वरित निष्पादन से खरीदी योजना सफल होगी.  

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