CM Dr. Mohan Yadav: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। जिसमें मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के लिए सेल्टर होम बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। जहा शेल्टर होम में मरीज के परिजनों को रुकने और खाने की व्यवस्था सस्ती दरों पर होगी। साथ ही यह व्यवस्था निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों में भी लागू होगी।
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MP में मरीजों के परिजनों के लिए बनेंगे शेल्टर होम[/caption]
CM Dr. Mohan Yadav: चार गुना तक मिलेगा मुआवजा
कैबिनेट बैठक में यह भी तय हुआ है कि, अगले 5 सालों में सभी मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब और ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी सुविधाओं के विकास पर करीब 2 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। बता दें कि राज्य में अलग-अलग निर्माण कार्यों के लिए करीब 33 हजार करोड़ रुपए के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही कैबिनेट ने फैक्टर-2 लागू करने का फैसला लिया है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को जमीन अधिग्रहण पर चार गुना तक मुआवजा मिलेगा।
CM Dr. Mohan Yadav: सामाजिक संस्थाएं बनाएंगी पेशेंट अटेंडर शेल्टर होम
MP में पहली बार एसा हो रहा है कि मरीजों के परिजनों के ठहरने के लिए शेल्टर होम बनाए जा रहे है। और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि बड़ी संख्या में मरीजों के परिजन अस्पतालों में आते हैं, लेकिन उन्हें ठहरने के लिए भटकना पड़ता है। और इस समस्या के समाधान के लिए शेल्टर होम बनाए जा रहे है।
सभी व्यवस्थाएं संस्थाएं खुद करेंगी
जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग चरणबद्ध तरीके से वर्तमान में संचालित 20 सरकारी मेडिकल कॉलेजों के लिए सामाजिक संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित करेगा। और सरकार केवल जमीन उपलब्ध कराएगी, और भवन निर्माण से लेकर बिजली-पानी सहित सभी व्यवस्थाएं संस्थाएं खुद करेंगी।
समाजसेवा के भाव से सहभागी बनेंगी
मरीजों के परिजनों के ठहरने और भोजन के लिए एक समिति कम शुल्क होगा। इस व्यवस्था में सामाजिक संस्थाएं लाभ कमाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि समाजसेवा के भाव से सहभागी बनेंगी।