रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं

RBI Repo Rate Update: रेपो रेट में नहीं हुआ बदलाव, होम-ऑटो लोन की EMI रहेगी पहले जैसी

भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा। इसके चलते होम और ऑटो लोन की EMI में कोई बदलाव नहीं होगा।

By : नरेंद्र सिंह
RBI Repo Rate Update: रेपो रेट में नहीं हुआ बदलाव, होम-ऑटो लोन की EMI रहेगी पहले जैसी

अगर आपने होम लोन, ऑटो लोन या किसी अन्य तरह का फ्लोटिंग रेट लोन लिया है, तो फिलहाल आपकी EMI में कोई बदलाव नहीं होगा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने रेपो रेट को 5.25% पर ही बरकरार रखने का फैसला किया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को बैठक के फैसलों की घोषणा करते हुए कहा कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

EMI पर क्या होगा असर?

रेपो रेट स्थिर रहने का मतलब है कि बैंकों के लिए आरबीआई से उधार लेने की लागत में कोई बदलाव नहीं होगा। ऐसे में होम लोन, ऑटो लोन और अन्य फ्लोटिंग रेट लोन की EMI फिलहाल पहले जैसी ही रहेगी। नए लोन की ब्याज दरों पर भी तत्काल कोई असर नहीं पड़ेगा।

RBI ने क्या-क्या रखा स्थिर?

  • Repo Rate: 5.25%
  • Standing Deposit Facility (SDF): 5.00%
  • Marginal Standing Facility (MSF): 5.50%

गवर्नर ने क्यों नहीं बदली ब्याज दर?

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसी वैश्विक चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए एमपीसी ने 'न्यूट्रल' रुख बरकरार रखते हुए रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया।

GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ा

आरबीआई ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक संकेत भी दिए हैं। वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान 6.6% से बढ़ाकर 6.7% कर दिया गया है। पहली तिमाही में 7% और दूसरी तिमाही में 6.4% की आर्थिक वृद्धि का अनुमान जताया गया है।

पिछले साल मिली थी EMI में राहत

बीते साल 2025 में आरबीआई ने कई बार रेपो रेट में कटौती की थी। पूरे साल में कुल 125 बेसिस पॉइंट की कमी की गई, जिससे होम लोन और ऑटो लोन लेने वाले लाखों ग्राहकों की EMI में राहत मिली थी। हालांकि इस साल जून और अगस्त दोनों एमपीसी बैठकों में रेपो रेट को 5.25% पर ही बनाए रखा गया है।

क्या होता है Repo Rate?

रेपो रेट वह ब्याज दर है जिस पर भारतीय रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक कर्ज देता है। जब रेपो रेट बढ़ता है तो बैंकों के लिए उधार लेना महंगा हो जाता है, जिससे लोन की ब्याज दरें और EMI बढ़ सकती हैं। वहीं रेपो रेट घटने पर लोन सस्ते होने की संभावना रहती है।

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