पेट्रोल-डीजल पर केंद्र सरकार की बढ़ी राहत: डीजल पर एक्साइज ड्यूटी जीरो, पेट्रोल इतना हुआ सस्ता

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पेट्रोल-डीजल पर केंद्र सरकार की बढ़ी राहत: डीजल पर एक्साइज ड्यूटी जीरो, पेट्रोल इतना हुआ सस्ता

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Petrol diesel price relief: केंद्र सरकार ने बढ़ती वैश्विक तेल कीमतों के बीच बड़ा कदम उठाते हुए पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती का ऐलान किया है। सरकार ने पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क को घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया है, जबकि डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर की सीधी कटौती की गई है.यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।

क्यों लिया गया यह फैसला

सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और आपूर्ति में बाधा को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि देश में ईंधन की कीमतों पर दबाव कम किया जा सके.साथ ही, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश के पास अगले 60 दिनों के लिए पर्याप्त कच्चे तेल का भंडार उपलब्ध है और सप्लाई सामान्य बनी हुई है।

क्या सस्ते होंगे पेट्रोल-डीजल?

एक्साइज ड्यूटी में कटौती से आमतौर पर पेट्रोल और डीजल के दाम कम होने की संभावना रहती है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार इस बार इसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को तुरंत नहीं मिल सकता.बताया जा रहा है कि यह कटौती तेल कंपनियों के नुकसान की भरपाई के लिए की गई है, ताकि वे कीमतों में अचानक बढ़ोतरी न करें।

Petrol diesel price relief: बाजार में मांग बढ़ी

हाल के दिनों में देशभर में पेट्रोल-डीजल की मांग में तेज वृद्धि देखी गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले दो दिनों में बिक्री में 15% से अधिक की बढ़ोतरी हुई है, जबकि कुछ जगहों पर यह बढ़ोतरी 50% तक पहुंच गई.कई राज्यों में अफवाहों के चलते पैनिक बाइंग की स्थिति भी सामने आई है।

छोटे शहरों में सप्लाई पर असर

पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, छोटे शहरों के कुछ पेट्रोल पंपों पर ‘कैश-एंड-कैरी’ सिस्टम लागू होने के कारण सप्लाई में अस्थायी दिक्कतें देखी जा रही हैं। हालांकि, देशभर में ईंधन की कोई कमी नहीं है और सभी पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।

राजस्व पर भी पड़ेगा असर

एक्साइज ड्यूटी सरकार के राजस्व का अहम स्रोत है। ऐसे में इसमें कटौती से सरकारी आय पर असर पड़ सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में यह कदम महंगाई को नियंत्रित करने और अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने के लिए जरूरी है।यह फैसला आम जनता, किसानों और व्यापारियों के लिए राहत भरा माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट गहराता नजर आ रहा है।

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