इबोला वायरस का पहला केस भारत में

राजस्थान में इबोला वायरस का पहला केस, युगांडा की युवती में मिले लक्षण, अब तक 200 लोगों की मौत

युगांडा से जयपुर आई युवती में इबोला जैसे लक्षण मिले। संक्रमण की पुष्टि के लिए सैंपल पुणे भेजा गया। WHO ने इबोला को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया।

राजस्थान में इबोला वायरस का पहला केस, युगांडा की युवती में मिले लक्षण, अब तक 200 लोगों की मौत

इबोला वायरस का पहला केस भारत में

देश में इबोला वायरस ने एंट्री मार ली है। राजस्थान में इबोला वायरस का पहला केस सामने आया। युगांडा से जयपुर घूमने आई 19 साल की युवती में इबोला जैसे लक्षण मिले। युवती 5 जून को एयर अरेबिया एयरलाइंस की फ्लाइट से शारजाह से जयपुर पहुंची। एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग में वो संदिग्ध मिली। इसके बाद उसे राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज में आइसोलेशन में रखा गया है। फ्लाइट में उसके साथ आए दूसरे पैसेंजर्स को भी घर में ही अलग रहने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं। 

900 लोगों की मौत

फिलहाल युवती में इबोला वायरस संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई। लेकिन मिलते-जुलते लक्षण पाए गए हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि केवल लक्षणों के आधार पर इसे इबोला नहीं माना जा सकता है। युवती का एक सैंपल टेस्ट के लिए पुणे भेजा गया है। दूसरा सैंपल 48 घंटे बाद भेजा जाएगा। पूरी दुनिया में इबोला से संक्रमित लोगों की संख्या 900 हो गई है। इसके कारण कांगो में पिछले 20 दिनों में 200 लोगों की मौत हो गई है। इबोला वायरस का ‘बुंडीबुग्यो’ वेरिएंट तेजी से फैल रहा है। इसलिए WHO ने इसे ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है। भारत देश में अभी तक इबोला वायरस का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है।

काफी गंभीर बीमारी 

विशेषज्ञों के मुताबिक, इबोला वायरस कोरोना की तरह तेजी से फैलने वाला संक्रमण नहीं है. लेकिन अगर संक्रमण की पुष्टि हो जाए तो इसे काफी गंभीर बीमारी माना जाता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग किसी भी संदिग्ध मामले को हल्के में नहीं ले रहा। 

इबोला फैलता कैसे है? 

  • संक्रमित व्यक्ति के खून, लार, मल, मुत्र, उल्टी या पसीने के संपर्क में आने से
  • संक्रमित कपड़ें सूई, बिस्तर या मेडिकल उपकरण छूने से 
  • संक्रमित जानवरों के संपर्क में आने से

लेकिन ये वायरस फ्लू या कोरोना की तरह हवा से आसानी से नहीं फैलता है। 

इबोला वायरस पहली बार 1976 में अफ्रीका में सामने आया था। कांगो में जिस इलाके में यह वायरस मिला, उसके पास बहने वाली इबोला नदी के नाम पर इसका नाम रखा गया। 

इबोला के लक्षण?

अब जान लिजीए की इसके लक्षण क्या है। - तेज बुखार, सिर दर्द, कमजोरी, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, पेट दर्द, स्किन पर रेशेज के अलावा कुछ मामलों में अंदरूनी और बाहरी ब्लीडिंग भी होती है। 

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