आंध्र प्रदेश के मदनपल्ले में एक बड़े कृषि कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को विरोध का सामना करना पड़ा। 2 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम में सीतारमण और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 1 लाख करोड़ रुपये के ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब और इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर की आधारशिला रखी।
भाषण के दौरान नारेबाजी
सीतारमण जब कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं, तभी दर्शकों में मौजूद कुछ लोगों ने नारेबाजी और हूटिंग शुरू कर दी। हंगामा बढ़ने पर वित्त मंत्री को कुछ देर के लिए अपना भाषण रोकना पड़ा। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और उन्हें सुनने की अपील की। इस दौरान मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भी हस्तक्षेप किया और लोगों से अपनी जगह पर बैठने तथा अनुशासन बनाए रखने को कहा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद इसको लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है।
विरोध की वजह पर अलग-अलग दावे
घटना के कारण को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में इसे रोजगार और किसानों से जुड़े मुद्दों से जोड़कर देखा गया, जबकि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भीड़ की प्रतिक्रिया को अलग नजरिए से बताया। इसको लेकर कांग्रेस और सत्तारूढ़ NDA के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
1 लाख करोड़ का हॉर्टिकल्चर हब
मदनपल्ले में शुरू किया गया Rayalaseema Global Horticulture Hub करीब 1 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तीन चरणों में विकसित किया जाएगा। इसमें करीब 40,352 करोड़ रुपये सरकारी योगदान और लगभग 60,000 करोड़ रुपये निजी क्षेत्र से जुटाने की योजना है। यह परियोजना 10 जिलों के 201 क्लस्टर, 303 मंडलों और करीब 5,869 गांवों तक फैलेगी।
किसानों और कृषि तकनीक पर फोकस
परियोजना का उद्देश्य बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देना, आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना, सिंचाई और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और कृषि उत्पादों की वैल्यू बढ़ाना है। सरकार के मुताबिक इससे किसानों के लिए बेहतर बाजार और आय के अवसर तैयार करने की कोशिश की जाएगी। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज के सहयोग से इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर की स्थापना की जा रही है। यहां डिजिटल एग्रीकल्चर, आधुनिक खेती, कृषि अनुसंधान और नई तकनीकों से जुड़े प्रशिक्षण पर जोर दिया जाएगा।