मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के मिसरोद क्षेत्र स्थित एक शासकीय स्कूल के छात्र-छात्राओं ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। स्कूल यूनिफॉर्म में बड़ी संख्या में पहुंचे बच्चों ने अपनी फिजिक्स टीचर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने प्रदर्शन के दौरान ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ के नारे लगाए। बच्चों के अचानक सड़क पर उतरने से इलाके में हलचल मच गई। छात्रों ने प्रशासन से उनकी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।
फिजिक्स टीचर पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने फिजिक्स पढ़ाने वाली शिक्षिका बबीता मैडम पर कई गंभीर आरोप लगाए। बच्चों का कहना है कि शिक्षिका का व्यवहार उनके प्रति कथित तौर पर बेहद सख्त और तानाशाहीपूर्ण है। छात्रों ने आरोप लगाया कि उनसे पढ़ाई से जुड़े कामों के अलावा निजी और घरेलू काम भी करवाए जाते हैं। बच्चों के इन आरोपों के बाद स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
घर के काम कराने का आरोप
छात्रों ने आरोप लगाया कि शिक्षिका उनसे अपने घर के काम करवाती हैं। बच्चों के मुताबिक उनसे भारी फर्नीचर उठवाया जाता है और घर के कांच तक साफ करवाए जाते हैं। छात्रों का दावा है कि जब वे इन कामों को करने से मना करते हैं तो उन्हें कथित तौर पर डराया और धमकाया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
लोहे की रॉड से मारने का दावा
छात्रों ने शिक्षिका पर मारपीट का भी बेहद गंभीर आरोप लगाया है। बच्चों का दावा है कि बात नहीं मानने या किसी काम से इनकार करने पर उन्हें लोहे की रॉड से पीटा जाता है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने प्रशासन और मीडिया के सामने अपनी कथित आपबीती बताई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
परीक्षा में पैसे मांगने का आरोप
छात्रों ने परीक्षा को लेकर भी शिक्षिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पेपर जांचने के दौरान कथित तौर पर उनसे पैसे मांगे जाते हैं। छात्रों का आरोप है कि पैसे नहीं देने या निजी काम करने से इनकार करने पर उन्हें परीक्षा में फेल करने की धमकी दी जाती है। इन आरोपों की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
कार्रवाई और निलंबन की मांग
मामला सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सामने कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। छात्र और उनके अभिभावक आरोपी शिक्षिका के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई और निलंबन की मांग कर रहे हैं। वहीं पुलिस और शिक्षा विभाग पूरे मामले की शिकायतों की जांच में जुटे हैं। अब जांच के बाद ही साफ होगा कि छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और शिक्षिका पर क्या कार्रवाई होती है।