मानसून का अटैक:अरुणाचल  में बादल फटने से तबाही, MP-बिहार में 8 की मौत

मानसून की तबाही भारत में

मानसून का अटैक:अरुणाचल  में बादल फटने से तबाही, MP-बिहार में 8 की मौत

भारत में मानसून के कारण अरुणाचल, जम्मू-कश्मीर में भारी बाढ़ और भूस्खलन हुए। मध्य प्रदेश और बिहार में बिजली गिरने से 8 लोगों की मौत।

मानसून का अटैकअरुणाचल  में बादल फटने से तबाही mp-बिहार में 8 की मौत

नई दिल्ली। देश में मानसून अब राहत के साथ आफत भी लेकर आ रहा है। जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जबकि अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन ने तबाही मचा दी है। मध्य प्रदेश और बिहार में आकाशीय बिजली गिरने से 8 लोगों की मौत हो गई। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जुलाई में देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया है।

डोडा में दो बार बादल फटा, सड़कें मलबे से बंद

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में बुधवार सुबह दो बार बादल फटने की घटना हुई। भलेसा के कलालगीसर क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ और पहाड़ से आए मलबे ने सड़कों को बंद कर दिया। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है।

अरुणाचल में बाढ़-भूस्खलन से तबाही, 90 हजार लोग प्रभावित

अरुणाचल प्रदेश में लगातार बारिश से बाढ़ और लैंडस्लाइड का संकट गहरा गया है। अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2 लोग लापता बताए जा रहे हैं। राज्य के 28 जिलों में 90 हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई गांवों का संपर्क टूट गया है।

बिजली गिरने से MP-बिहार में 8 मौतें

मध्य प्रदेश के हरदा और खरगोन में आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि बैतूल में एक ही परिवार के चार सदस्य झुलस गए। उधर, बिहार में भी बिजली गिरने से पांच लोगों की जान चली गई। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में बरसाती नाले में बहने से एक युवक की मौत हो गई।

उत्तराखंड में राफ्टिंग पर रोक, नदियां उफान पर

बारिश के चलते उत्तराखंड में कई नदियां उफान पर हैं। देहरादून की रिस्पना नदी और ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने 31 अगस्त तक राफ्टिंग पर रोक लगा दी है। लोगों को नदी किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है।

IMD की चेतावनी: जुलाई में सामान्य से कम बारिश

मौसम विभाग के अनुसार इस साल जून में सामान्य से करीब 40 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। अब जुलाई में भी देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। इसकी बड़ी वजह अल नीनो का प्रभाव माना जा रहा है। हालांकि पूर्वोत्तर, पूर्वी और कुछ मध्य भारतीय क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

26 राज्यों तक पहुंचा मानसून, राजस्थान का इंतजार

मानसून अब देश के 26 राज्यों तक पहुंच चुका है। मंगलवार को इसकी एंट्री जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में हुई। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो-तीन दिनों में मानसून राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के शेष हिस्सों को भी कवर कर लेगा।

अगले 48 घंटे भारी

मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़, ओडिशा, केरलम, तेलंगाना, असम, मेघालय, सिक्किम और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं मध्य प्रदेश, बिहार और पूर्वी राजस्थान में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।

 

संबंधित सामग्री

उत्तराखंड में भारी बारिश: 52 से ज्यादा सड़कें बंद, स्कूलों में छुट्टी

राज्य

उत्तराखंड में भारी बारिश: 52 से ज्यादा सड़कें बंद, स्कूलों में छुट्टी

उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश के कारण 52 से अधिक मुख्य और ग्रामीण सड़कें बंद हो गई हैं। स्कूलों में भी छुट्टी घोषित की गई है।

सीएम डॉ. मोहन यादव आज सिवनी में 494 करोड़ की विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात, किसानों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि

राज्य

सीएम डॉ. मोहन यादव आज सिवनी में 494 करोड़ की विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात, किसानों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सिवनी में 629 विकास कार्यों का उद्घाटन किया, जिसमें सड़क, पुल और स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।

उन्नाव में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: स्लीपर बस ने कार को मारी टक्कर, 5 की मौत, 8 घायल

राज्य

उन्नाव में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: स्लीपर बस ने कार को मारी टक्कर, 5 की मौत, 8 घायल

उन्नाव में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस और कार के बीच टक्कर हुई, जिससे 5 लोगों की मौत और 8 घायल हो गए। पुलिस द्वारा जांच जारी है।

मध्य प्रदेश ने रचा इतिहास: 12 उद्यानिकी उत्पादों को एक साथ मिला GI टैग, देश में पहली बार बना रिकॉर्ड

राज्य

मध्य प्रदेश ने रचा इतिहास: 12 उद्यानिकी उत्पादों को एक साथ मिला GI टैग, देश में पहली बार बना रिकॉर्ड

मध्य प्रदेश में 12 उद्यानिकी उत्पादों को GI टैग मिलने से राज्य ने देश में एक नई उपलब्धि स्थापित की, जिससे किसानों को बड़ा लाभ होगा।

जुलाई में अल-नीनो का असर! देश के अधिकांश हिस्सों में कम बारिश का अनुमान, लेकिन मध्य प्रदेश में मानसून ने पकड़ी रफ्तार

राज्य

जुलाई में अल-नीनो का असर! देश के अधिकांश हिस्सों में कम बारिश का अनुमान, लेकिन मध्य प्रदेश में मानसून ने पकड़ी रफ्तार

IMD के अनुसार, जुलाई में अल-नीनो के कारण भारत के अधिकांश हिस्सों में कम बारिश की संभावना है। हालांकि, मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय हो गया है।