पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान भगदड़, 1 मृत और 100 से ज्यादा घायल

जगन्नाथ रथयात्रा में भगदड़

पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान भगदड़, 1 मृत और 100 से ज्यादा घायल

पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान भीड़ अनियंत्रित हो गई, जिससे 1 व्यक्ति की मौत हो गई और 100 से ज्यादा घायल हो गए।

पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान भगदड़ 1 मृत और 100 से ज्यादा घायल

पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान भगदड़ |

पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान भगदड़ मच गई। इसमें 1 व्यक्ति की मौत हो गई है। हादसे में 100 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है। शाम 5 बजे पहांडी रस्म के दौरान भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए अचानक लोग तीनों रथों के पास जाने लगे। रथ यात्रा रूट पर मौजूद वॉलेंटियर लोगों को पीछे हटा रहे थे। तभी लोग एक-दूसरे को धक्का देने लगे, इससे वहां भगदड़ मच गई। लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे।

घायल जिला अस्पताल में भर्ती 

पुरी में इस वक्त तेज बारिश हो रही है। इसके बावजूद 10 लाख से अधिक लोग यात्रा रूट पर मौजूद हैं। पुरी भगदड़ के घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यात्रा मुख्य मंदिर से 3km दूर बने गुंडीचा मंदिर तक जाएगी। 

भगदड़ के 4 बड़े कारण 

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के अनुसार भारतीय धार्मिक स्थलों पर भगदड़ के 4 बड़े कारण सामने आए हैं।  

  1. भारत में 80% भगदड़ किसी न किसी अफवाह (जैसे- पुल टूटना, करंट आना, बम होना) के कारण होती है। 
  2. VIP दर्शन के लिए आम कतारों को रोक दिया जाता है। इससे पीछे भीड़ का दबाव खतरनाक स्तर तक बढ़ जाता है। 
  3. कई मंदिर पहाड़ियों या गुफाओं में हैं (जैसे वैष्णो देवी, अमरनाथ, सबरीमाला)। यहां रास्ते संकरे होते हैं। 
  4. प्रशासन और भीड़ के बीच सीधे संवाद की कमी होती है, जिससे आपातकाल में लोग सही दिशा में नहीं भाग पाते। 

उदयपुर में जगन्नाथ रथयात्रा

इधर, राजस्थान के उदयपुर में सबसे बड़ी जगन्नाथ रथयात्रा निकाली जा रही है। जगदीश मंदिर से भगवान जगन्नाथ स्वामी चांदी के रथ पर माता लक्ष्मी और दानीराय जी के साथ विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकले। रथ का कुल वजन 95 किलो है। इस यात्रा में जगदीश मंदिर की स्थापना के बाद इतिहास में पहली बार 375 साल पुराने लकड़ी के रथ को भी शामिल किया गया है।

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