गणेश चतुर्थी के साथ सोमवार से देशभर में गणेशोत्सव की शुरुआत हो गई। घरों से लेकर बड़े-बड़े पंडालों तक ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे गूंज रहे हैं। मुंबई में लालबाग के राजा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हैं, तो इंदौर, हैदराबाद, जयपुर और पटना में अलग-अलग थीम और भव्य प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। गणेश चतुर्थी से शुरू होने वाला यह उत्सव अनंत चतुर्दशी तक चलता है।
इंदौर में 3 टन मिट्टी से बने 14 फीट के बप्पा

इंदौर के तिलक नगर में इस बार 3 टन मिट्टी से 14 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा तैयार की गई है। पूरे पंडाल को प्रकृति और पशु कल्याण का संदेश देने वाली थीम पर सजाया गया है।वहीं, इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में बप्पा को करीब 7 करोड़ रुपए के स्वर्ण आभूषण अर्पित किए गए हैं। रविवार को भगवान गणेश को हीरे जड़ित नेत्र भी धारण कराए गए। आज भगवान को सवा लाख मोदक का भोग लगाए जाने की तैयारी है।
हैदराबाद में 72 फीट ऊंचे गणपति

हैदराबाद के खैरताबाद में इस बार 72 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा स्थापित की गई है। वहीं उप्पुगुडा में ‘विकसित भारत 2047’ की थीम पर पंडाल और गणेश प्रतिमा तैयार की गई है। यहां गणेश उत्सव की यह 50वीं वर्षगांठ है।
मुंबई में लालबाग के राजा के दर्शन को भीड़

मुंबई के प्रसिद्ध लालबाग के राजा का इस साल का पंडाल शिव थीम पर तैयार किया गया है। पंडाल में विशाल त्रिशूल भी लगाया गया है। मंडल के मुताबिक यह उसका 93वां गणेशोत्सव है। बप्पा के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हैं।इसके अलावा मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
जयपुर में मोती डूंगरी मंदिर में खास दर्शन
जयपुर के प्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर में सिंजारा महोत्सव और गणेश जन्मोत्सव को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं के लिए सुबह 5 बजे से रात 11:40 बजे तक दर्शन की व्यवस्था है।हालांकि, सिंजारा के दौरान मंदिर में मेहंदी लेने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। करीब 3 घंटे में 3500 किलो मेहंदी खत्म हो गई। भीड़ बढ़ने के कारण कुछ जगह धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।
पटना में मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर पंडाल
पटना में इस बार मदुरई के प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर पंडाल तैयार किया गया है। यहां मुंबई के लालबाग के राजा की तर्ज पर साढ़े 5 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा स्थापित की गई है।
देशभर में भक्ति का माहौल
महाराष्ट्र के नागपुर में श्री गणेश मंदिर टेकड़ी पर मंगल आरती हुई। पुणे के श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई गणपति मंदिर में भी पूजा-अर्चना की गई। तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली।देश के अलग-अलग हिस्सों में गणेश प्रतिमाओं की स्थापना और पूजा के साथ अगले दस दिनों तक उत्सव का माहौल रहने वाला है। पंडालों की थीम, भव्य प्रतिमाएं और अलग-अलग शहरों की परंपराएं इस बार गणेशोत्सव को खास बना रही हैं।