दिल्ली हाईकोर्ट ने जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर चिंता जताई है। अदालत ने कहा कि हर नागरिक की जान कीमती है। उसकी रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।
वांगचुक के स्वास्थ्य पर नजर
कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को उनकी रोजाना मेडिकल जांच कराने और जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज कराने के आदेश दिए। सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का आज 19वां दिन है। याचिका में जबरन खाना देने के आदेश देने की मांग भी की गई थी। केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकारी डॉक्टर वांगचुक के स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आवश्यक्ता पड़ने पर उचित इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।

19 दिन से भूख हड़ताल
सोनम वांगचुक NEET पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 19 दिन से भूख हड़ताल पर हैं। उनका वजन 8.9kg तक गिर गया। कॉकरोच जनता पार्टी नीट पेपर लीक के विरोध में 20 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। सोनम वांगचुक भी उनके आंदोलन में शामिल हैं। CJP चीफ जस्टिस सूर्यकांत के बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से करने के बाद बनी थी।
केंद्र सरकार जवाबदेही से बच रही
CJP ने आरोप लगाया कि छात्रों के लिए आवाज उठाने वाले सोनम वांगचुक को सरकार की ओर से सिर्फ खामोशी मिली। CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा कि केंद्र सरकार जवाबदेही से बच रही है और उसका रवैया क्रूर है। सोनम वांगचुक इससे पहले लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर 170 दिन तक जोधपुर जेल में रहे। उन पर आरोप था कि अनशन के दौरान 24 सितंबर 2025 को लेह में हिंसा हुई, जिसमें 4 लोगों की मौत और 90 लोग घायल हुए।