कैप्टन स्मित मच्छार को उनके साहस और सूझबूझ के लिए औपचारिक सम्मान देने की मांग सामने आई है। शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद मिलिंद देवरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को अशोक चक्र के लिए विचार करने का अनुरोध किया है। देवरा ने कहा कि फ्लाइट में संकट के दौरान मच्छार की भूमिका ने 174 यात्रियों की जान बचाने में अहम योगदान दिया।

फ्लाईदुबई फ्लाइट में हुआ था गंभीर घटनाक्रम
30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के अंदर कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके सह-पायलट ने कथित तौर पर हमला किया। घटना के दौरान विमान तेजी से नीचे आया, जिसके बाद आपात स्थिति पैदा हो गई। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने स्थिति को संभालने में सहायता की। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया।
174 यात्रियों की सुरक्षा में निभाई अहम भूमिका
रिपोर्टों के मुताबिक, विमान में 174 यात्री सवार थे और घटना के बाद सभी सुरक्षित रहे। विमान की सुरक्षित लैंडिंग में कैप्टन मच्छार के साथ विमान में मौजूद अन्य लोगों ने भी भूमिका निभाई। मामले की परिस्थितियों और हमले के मकसद की जांच अभी जारी है।
मिलिंद देवरा ने की अशोक चक्र पर विचार की अपील
अपने पत्र में मिलिंद देवरा ने कैप्टन मच्छार के साहस और सूझबूझ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह की बहादुरी को औपचारिक मान्यता देना महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री से अशोक चक्र के लिए उनके नाम पर विचार करने का अनुरोध किया है। अशोक चक्र शांतिकाल में दिया जाने वाला भारत का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है।
PM मोदी ने भी की कैप्टन मच्छार से बात
घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अस्पताल में इलाज करा रहे कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर बातचीत की। PM मोदी ने उनके धैर्य और सूझबूझ की सराहना की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। बातचीत के दौरान मच्छार ने घटना के बारे में जानकारी साझा की और बताया कि मुश्किल परिस्थिति में उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया था।
कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार?
कैप्टन स्मित मच्छार मुंबई में जन्मे भारतीय पायलट हैं। वह 2022 से फ्लाईदुबई के साथ काम कर रहे हैं और इससे पहले स्पाइसजेट में भी पायलट रह चुके हैं। फ्लाईदुबई की इस घटना के बाद उनके साहस और पेशेवर सूझबूझ की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई लोगों ने सार्वजनिक रूप से सराहना की है।
अशोक चक्र की मांग पर अब सरकार के फैसले का इंतजार
मिलिंद देवरा की मांग फिलहाल एक अनुरोध है। अशोक चक्र देने का अंतिम फैसला संबंधित सरकारी प्रक्रिया के तहत होगा। इस बीच फ्लाईदुबई घटना की जांच जारी है और कैप्टन स्मित मच्छार का इलाज भी चल रहा है।