Madhya Pradesh politics: कमलनाथ ने कफ सिरप कांड के लिए सरकार को ठहराया जिम्मेदार

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Madhya Pradesh politics: कमलनाथ ने कफ सिरप कांड के लिए सरकार को ठहराया जिम्मेदार

madhya pradesh politics कमलनाथ ने कफ सिरप कांड के लिए सरकार को ठहराया जिम्मेदार

Madhya Pradesh politics: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से हुई मौतों पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए राज्य सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। दो दिवसीय छिंदवाड़ा दौरे पर पहुंचे कमलनाथ ने एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार ने दवाइयों की समय पर टेस्टिंग नहीं कराई, जिससे यह भयावह घटना हुई। उन्होंने चिंता जताई कि अभी और भी ऐसी दवाएं हो सकती हैं, जिनकी टेस्टिंग बाकी है। [caption id="attachment_110675" align="alignnone" width="252"]Madhya Pradesh politics: Madhya Pradesh politics:[/caption]

उसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं

कमलनाथ ने कहा कि यह सरकार की सीधी लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बात कर मुआवजे को लेकर चर्चा की और कहा कि सरकार को इस पर और गंभीरता से काम करना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से जो भी सहायता कर सकते हैं, उसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

इस दुख की घड़ी में हम सभी एकजुट हैं

पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर भी एक भावुक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि, “ज़हरीला सीरप पीने से 21 बच्चों की मौत के बाद छिंदवाड़ा शोक के सागर में डूबा हुआ है। पीड़ित परिवारों से मिलने और उनके दुख में भागीदार बनने के लिए पूर्व सांसद नकुलनाथ के साथ परासिया जा रहा हूं। इस दुख की घड़ी में हम सभी एकजुट हैं।”

जिससे कई मासूमों की जान चली गई

गौरतलब है कि छिंदवाड़ा जिले के परासिया क्षेत्र में कफ सिरप ‘कोल्ड्रिफ’ के सेवन से अब तक 21 बच्चों की मौत हो चुकी है। परासिया सिविल अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी पर आरोप है कि वे अपने निजी क्लिनिक में बच्चों को बिना परीक्षण के कफ सिरप लिखते थे। इन दवाओं के सेवन के बाद बच्चों को तेज बुखार, पेशाब में परेशानी और अंततः किडनी फेल होने जैसे लक्षण देखने को मिले, जिससे कई मासूमों की जान चली गई।

Madhya Pradesh politics: सभी संदिग्ध दवाओं की तुरंत जांच हो

इस घटना ने प्रदेशभर में हड़कंप मचा दिया है और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कमलनाथ ने मांग की कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए कठोर कदम उठाए जाएं और सभी संदिग्ध दवाओं की तुरंत जांच हो।

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