पूजा सामग्री का पुनः उपयोग

गणपति पूजा के बचे फूल-पत्तियों को न फेंकें, ऐसे करें दोबारा इस्तेमाल

पूजा के बाद बचे फूलों और पत्तियों से खाद, सजावट और प्राकृतिक रंग बनाने के तरीके। इससे जैविक कचरा कम होता है और प्राकृतिक सामग्री मिलती है।

By : सोनिया रायकवार
गणपति पूजा के बचे फूल-पत्तियों को न फेंकें, ऐसे करें दोबारा इस्तेमाल

गणपति उत्सव या किसी भी पूजा के बाद बड़ी मात्रा में फूल-पत्तियां और पूजा सामग्री बच जाती है। इन्हें सीधे कूड़े में फेंकने के बजाय कई उपयोगी तरीकों से दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। फूल-पत्तियों से खाद बनाने के साथ-साथ घर की सजावट और प्राकृतिक रंग भी तैयार किए जा सकते हैं। हालांकि, दोबारा इस्तेमाल से पहले पूजा सामग्री में लगी प्लास्टिक, धागे, तार, फोम, रिबन और अन्य गैर-जैविक चीजों को अलग करना जरूरी है।

फूल-पत्तियों से बनाएं जैविक खाद

पूजा के बाद बचे फूल, पत्तियां और दूर्वा घर पर कंपोस्ट बनाने के काम आ सकते हैं। इसके लिए फूल-पत्तियों को छोटे टुकड़ों में काटकर सूखे पत्तों और अन्य जैविक कचरे के साथ कंपोस्ट बिन में डालें। कंपोस्ट में नमी का संतुलन बनाए रखें और समय-समय पर मिश्रण को पलटते रहें। कुछ समय बाद यही जैविक सामग्री खाद में बदल जाएगी, जिसे गमलों और बगीचे की मिट्टी में इस्तेमाल किया जा सकता है।

सूखे फूलों से सजाएं घर

अगर पूजा के फूल ज्यादा खराब या सड़े हुए नहीं हैं, तो उन्हें फेंकने के बजाय छांव में अच्छी तरह सुखाया जा सकता है। पूरी तरह सूखने के बाद इनकी पंखुड़ियों को कांच की बोतल, सजावटी कटोरी या दूसरे डेकोरेशन में इस्तेमाल किया जा सकता है। सूखे फूलों को दूसरी प्राकृतिक सामग्री के साथ मिलाकर घर की सजावट के लिए आकर्षक मिश्रण भी बनाया जा सकता है। ध्यान रखें कि फूलों में नमी बिल्कुल न रहे, वरना बंद कंटेनर में फफूंद लग सकती है।

फूलों से बनाएं प्राकृतिक रंग

फूलों की पंखुड़ियों से प्राकृतिक रंग भी तैयार किया जा सकता है। गेंदे जैसे फूलों की साफ पंखुड़ियों को पानी में उबालकर रंगीन पानी तैयार किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल कागज, क्राफ्ट और सजावटी कला-काम में किया जा सकता है। हालांकि, ऐसे फूलों का ही इस्तेमाल करें जिन पर रासायनिक रंग या अनुपयुक्त पदार्थ का इस्तेमाल न हुआ हो। त्वचा या खाने से जुड़े इस्तेमाल के लिए किसी भी फूल से बने रंग की सुरक्षा पहले सुनिश्चित कर लें।

ताजे फूलों से फिर करें सजावट

अगर पूजा के बाद कुछ फूल अभी भी ताजे और साफ हैं, तो उन्हें तुरंत फेंकने की जरूरत नहीं है। इनसे छोटी माला, पूजा की थाली की सजावट या घर के मंदिर के लिए प्राकृतिक डेकोरेशन तैयार किया जा सकता है। वहीं, बहुत पुराने, मुरझाए या खराब फूलों को दोबारा पूजा में इस्तेमाल करने के बजाय कंपोस्ट में डालना बेहतर है। दोबारा पूजा में इस्तेमाल करने का फैसला स्थानीय धार्मिक परंपराओं और मान्यताओं के अनुसार ही करें।

ज्यादा फूल हों तो ऐसे करें निपटारा

गणपति उत्सव या बड़े धार्मिक आयोजनों के बाद अगर बड़ी मात्रा में पूजा सामग्री जमा हो जाए, तो उसे सामान्य कचरे में मिलाने से बचें। फूल-पत्तियों को अलग रखकर कंपोस्टिंग के लिए दिया जा सकता है। कई शहरों में स्थानीय निकाय और संस्थाएं पूजा के फूलों के लिए अलग संग्रह अभियान भी चलाती हैं। अगर आपके इलाके में ऐसी सुविधा उपलब्ध हो, तो पूजा सामग्री वहां देना बेहतर विकल्प हो सकता है। पूजा के फूल-पत्तियों को कचरा समझकर फेंकने के बजाय उनका सही तरीके से दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे जैविक कचरा कम करने के साथ घर में खाद, सजावट और क्राफ्ट जैसी चीजों के लिए प्राकृतिक सामग्री भी मिलती है।

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