मानसून और स्वास्थ्य जोखिम

घर में सीलन है तो सावधान! बढ़ सकता है इन 5 बीमारियों का खतरा

मानसूनी सीजन में बढ़ती नमी और सीलन के कारण मोल्ड और अन्य सूक्ष्मजीव विकसित हो सकते हैं, जिससे एलर्जी, अस्थमा, और अन्य श्वसन समस्याएं बढ़ सकती हैं।

By : सोनिया रायकवार
घर में सीलन है तो सावधान! बढ़ सकता है इन 5 बीमारियों का खतरा

 

मानसून की बारिश जहां गर्मी से राहत देती है, वहीं घरों में बढ़ती नमी और सीलन कई स्वास्थ्य समस्याओं की वजह बन सकती है। दीवारों पर काले या हरे धब्बे, पेंट का उखड़ना, बदबू और लंबे समय तक गीली रहने वाली जगहें केवल घर की खूबसूरती खराब नहीं करतीं, बल्कि फफूंद (Mold) और अन्य सूक्ष्मजीवों के पनपने का माहौल भी तैयार करती हैं। नम और फफूंद वाले वातावरण में रहने से सांस संबंधी लक्षण, एलर्जी और अस्थमा का खतरा बढ़ सकता है। मानसून में खासतौर पर इन 5 स्वास्थ्य समस्याओं से सावधान रहने की जरूरत है। आइए, इसके बारे में जानते हैं विस्तार से।

एलर्जी और एलर्जिक राइनाइटिस

सीलन वाली जगहों पर पनपने वाली फफूंद के कण हवा में फैल सकते हैं। इनके संपर्क में आने पर छींक आना, नाक बंद या बहना, आंखों में खुजली और पानी आना जैसी शिकायतें हो सकती हैं। जिन लोगों को पहले से मोल्ड एलर्जी है, उनमें लक्षण अधिक परेशान करने वाले हो सकते हैं।

अस्थमा की समस्या

घर में नमी और फफूंद अस्थमा के मरीजों के लिए बड़ा ट्रिगर बन सकती है। इससे खांसी, घरघराहट और सांस लेने में परेशानी बढ़ सकती है। फफूंद को सांस के साथ अंदर लेने से एलर्जी न होने वाले लोगों में भी अस्थमा अटैक ट्रिगर हो सकता है।

सांस की समस्या और संक्रमण

लगातार नम वातावरण में रहने से सांस संबंधी लक्षण और कुछ श्वसन संक्रमणों का जोखिम बढ़ सकता है।
नम या फफूंद वाले भवनों में रहने और श्वसन संबंधी समस्याओं के बीच संबंध पाया गया है। बच्चों और पहले से सांस की बीमारी वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। I

ब्रोंकाइटिस और लगातार खांसी

सीलन और फफूंद से निकलने वाले एलर्जेन व जलन पैदा करने वाले कण नाक, गले और फेफड़ों में irritation पैदा कर सकते हैं। इसके चलते लंबे समय तक खांसी, गले में खराश या सांस लेने में असहजता महसूस हो सकती है। नम इमारतों में रहने वाले लोगों में ब्रोंकाइटिस और श्वसन संबंधी लक्षणों की रिपोर्ट अधिक होने की बात कही गई है।

त्वचा संबंधी परेशानी

सीलन भरे वातावरण में फफूंद के संपर्क से कुछ लोगों को त्वचा पर खुजली, लाल चकत्ते या irritation की समस्या भी हो सकती है। खासकर संवेदनशील त्वचा या एलर्जी वाले लोगों को ऐसे वातावरण में परेशानी अधिक महसूस हो सकती है।

घर को सीलन से कैसे बचाएं?

मानसून में घर की दीवारों, छत, खिड़कियों और पाइपलाइन से होने वाले लीकेज को नजरअंदाज न करें। जहां संभव हो, घर में पर्याप्त ventilation रखें और गीली चीजों को जल्द सुखाएं।घर के अंदर humidity को 50% से कम रखने की सलाह दी जाती है और जरूरत पड़ने पर dehumidifier या एयर कंडीशनर का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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