ईयरबड्स के स्वास्थ्य जोखिम

रात में ईयरबड्स लगाकर सोने की आदत पड़ सकती है भारी, कानों को हो सकते हैं ये नुकसान

ईयरबड्स का अत्यधिक इस्तेमाल कानों में दर्द, संक्रमण और सुनने की क्षमता में कमी ला सकता है। विशेषज्ञ लगातार उपयोग से बचने की सलाह देते हैं।

By : सोनिया रायकवार
रात में ईयरबड्स लगाकर सोने की आदत पड़ सकती है भारी, कानों को हो सकते हैं ये नुकसान

 

आज के समय में ईयरबड्स हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। सफर के दौरान म्यूजिक सुनने से लेकर वर्कआउट और सोने से पहले पॉडकास्ट या गाने सुनने तक, लोग घंटों ईयरबड्स का इस्तेमाल करते हैं। कुछ लोगों को तो ईयरबड्स लगाकर सोने की आदत भी हो जाती है। धीमी आवाज में ऑडियो सुनते-सुनते नींद आ जाना भले ही आरामदायक लगे, लेकिन पूरी रात ईयरबड्स लगाए रखना कानों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। लंबे समय तक आवाज और ईयरबड्स के संपर्क में रहने से कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं।

कानों पर लंबे समय तक पड़ता है आवाज का असर

रातभर ईयरबड्स लगाने का सबसे बड़ा concern यह है कि कान कई घंटों तक लगातार आवाज के संपर्क में रहते हैं। तेज आवाज में लंबे समय तक ऑडियो सुनने से सुनने की क्षमता प्रभावित होने का जोखिम बढ़ सकता है। दिन में थोड़ी देर म्यूजिक सुनने और कई घंटे लगातार ईयरबड्स इस्तेमाल करने में अंतर है। शुरुआत में समस्या महसूस न हो, लेकिन लंबे समय तक तेज आवाज सुनने की आदत कानों की संवेदनशील संरचनाओं को नुकसान पहुंचा सकती है।

कान में सीटी या घंटी की आवाज

अगर ईयरबड्स इस्तेमाल करने के बाद कानों में सीटी, घंटी, भिनभिनाहट या गूंज जैसी आवाज सुनाई दे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तेज आवाज के संपर्क से टिनिटस जैसी समस्या हो सकती है। अगर कानों में ऐसी आवाज बार-बार या लंबे समय तक बनी रहती है, तो ईएनटी विशेषज्ञ से जांच कराना बेहतर है।

दर्द, दबाव और जलन की परेशानी

सोते समय करवट बदलने पर ईयरबड्स कान के अंदर दब सकते हैं। इससे कान में दर्द, दबाव, खुजली या जलन जैसी परेशानी हो सकती है। इन-ईयर ईयरबड्स लंबे समय तक कान के अंदर रहने से कान के आसपास की त्वचा में भी irritation हो सकती है। खासतौर पर अगर ईयरबड्स कान में ठीक से फिट न हों, तो सोते समय परेशानी और बढ़ सकती है।

बढ़ सकता है कान में संक्रमण का खतरा

लंबे समय तक ईयरबड्स लगाए रखने से कान के आसपास गर्मी और नमी बनी रह सकती है। अगर ईयरबड्स की नियमित सफाई नहीं की जाती, तो उन पर मौजूद गंदगी और बैक्टीरिया कान के संपर्क में आ सकते हैं। इससे कुछ लोगों में बाहरी कान के संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए ईयरबड्स को साफ रखना और उन्हें किसी दूसरे व्यक्ति के साथ शेयर न करना जरूरी है।

नींद की क्वालिटी भी हो सकती है प्रभावित

ईयरबड्स लगाकर सोने का असर सिर्फ कानों तक सीमित नहीं हो सकता। लगातार चल रहा ऑडियो, नोटिफिकेशन या आवाज में अचानक बदलाव नींद को बाधित कर सकता है। कई बार व्यक्ति को इसका तुरंत एहसास नहीं होता, लेकिन बार-बार नींद टूटने या नींद की गुणवत्ता खराब होने से अगले दिन थकान और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है।

ईयरबड्स की जगह अपनाएं ये तरीके

अगर आपको सोते समय कुछ सुनने की आदत है, तो ईयरबड्स की जगह फोन या स्पीकर को बिस्तर से थोड़ी दूरी पर रखकर कम आवाज में ऑडियो चला सकते हैं। ऑडियो को पूरी रात चलाने के बजाय स्लीप टाइमर या ऑटो-ऑफ फीचर का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। सबसे अच्छा तरीका यही है कि सोने से पहले कानों को आराम दिया जाए और ईयरबड्स निकालकर सोया जाए।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

अगर ईयरबड्स इस्तेमाल करने के बाद कानों में लगातार सीटी या भिनभिनाहट, दर्द, सुनने में कमी, कान से पानी या पस आने जैसी समस्या हो, तो खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर या ईएनटी विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।

संबंधित सामग्री

घर में सीलन है तो सावधान! बढ़ सकता है इन 5 बीमारियों का खतरा

घर में सीलन है तो सावधान! बढ़ सकता है इन 5 बीमारियों का खतरा

मानसूनी सीजन में बढ़ती नमी और सीलन के कारण मोल्ड और अन्य सूक्ष्मजीव विकसित हो सकते हैं, जिससे एलर्जी, अस्थमा, और अन्य श्वसन समस्याएं बढ़ सकती हैं।

नाखूनों पर मेहंदी लगाना सही या नुकसानदायक?, मेहंदी सिर्फ हाथों तक सीमित नहीं

नाखूनों पर मेहंदी लगाना सही या नुकसानदायक?, मेहंदी सिर्फ हाथों तक सीमित नहीं

मेहंदी का नाखूनों पर प्रयोग आम है, लेकिन क्या यह सुरक्षित है? प्राकृतिक मेहंदी सुरक्षित मानी जाती है, जबकि केमिकल युक्त मेहंदी से नुकसान हो सकता है।

त्योहारों की मिठास में मिलावट का जहर, सेहत पर पड़ सकता है भारी असर

त्योहारों की मिठास में मिलावट का जहर, सेहत पर पड़ सकता है भारी असर

त्योहारों के मौसम में मिठाइयों की खरीददारी में सावधानी बरतने की आवश्यकता है, मिलावटी सामग्री और अत्यधिक कृत्रिम रंगों के इस्तेमाल से सेहत को खतरा हो सकता है।

क्या उंगलियां चटकाने से गठिया का खतरा हो सकता है? जानिए 

क्या उंगलियां चटकाने से गठिया का खतरा हो सकता है? जानिए 

उंगलियां चटकाने की आदत और गठिया के बीच का संबंध विज्ञान द्वारा सिद्ध नहीं होता है, हालांकि अत्यधिक चटकाने से दर्द और सूजन हो सकती है।

मानसून में बढ़ते हैं आंखों की एलर्जी और इंफेक्शन के मामले

मानसून में बढ़ते हैं आंखों की एलर्जी और इंफेक्शन के मामले

मानसून के दौरान आंखों में एलर्जी और इंफेक्शन बढ़ जाते हैं। इस मौसम में वायरल कंजंक्टिवाइटिस और गंदे पानी के कारण आंखों में संक्रमण हो सकता है।

Advertisement

मुख्य मंत्री सुगम परिवहन सेवा MP Add  on 09 Sep 2026 To 26 Sep 2026