किचन में रखा चॉपिंग बोर्ड आजकल एक बड़ी जरूरत बन चुका है, सब्जियों से लेकर फल और मीट कटिंग तक सब चीजों में इसका इस्तेमाल होता है। पर बहुत कम लोग इसे खरीदने और स्टोरेज का सही तरीका जानते हैं, जबकि यह लापरवाही खाने तक बैक्टीरिया पहुंचा सकती है।
ऐसे में अगर आप भी चॉपिंग बोर्ड रोज उपयोग में लाते हैं या इसे नया खरीदने की सोच रहे हैं तो आइए पहले कुछ जरूरी बातें जान लेते हैं।
चॉपिंग बोर्ड की सतह देखें
जब भी बाजार में चॉपिंग बोर्ड खरीदने जाएं तो सबसे पहले उसकी सतह देखें। ऐसा बोर्ड खरीदें जिसकी सरफेस काफी मजबूत और टिकाऊ हो। इस क्वालिटी के साथ ही बोर्ड की चौड़ाई भी जांच लें। मार्केट में लकड़ी, बांस, प्लास्टिक कई तरह के बोर्ड मौजूद हैं। इनमें से अक्सर प्लास्टिक के बोर्ड का इस्तेमाल न करने की सलाह दी जाती है।
नाइफ फ्रेंडली कटिंग बोर्ड चुनें
लकड़ी का कटिंग बोर्ड नाइफ के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। दरअसल, इस बोर्ड का इस्तेमाल करने से चाकू की धार को कम नुकसान पहुंचता है। वहीं, प्लास्टिक बोर्ड, कांच, संगमरमर या स्टील के बोर्ड पर चाकू जल्दी खराब हो जाते हैं।
इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानी
कई लोगों की आदत होती है कि वो चॉपिंग बोर्ड पर पहले कोई सब्जी काटते हैं और फिर उसी पर बिना धोए पनीर या मीट कटिंग करने लगते हैं। इससे फूड्स में क्रॉस-कंटैमिनेशन हो जाता है जो सेहत के लिए हानिकारक है। इससे बचने के लिए हमेशा बोर्ड को अच्छे से धोकर ही दोबारा इस्तेमाल में लाना चाहिए।
चॉपिंग बोर्ड को स्टोर करने का सही तरीका क्या है?
बोर्ड को यूज में लाने के बाद फूड पार्टिकल्स को अच्छे से क्लीन करें। फिर गुनगुने पानी में डिश सोप से धोकर सबसे आखिर में साफ पानी से साफ करें। जब बोर्ड पूरी तरह से सूख जाए, उसके बाद ही पूरी तरह से सुखाकर स्टोर करें।
कितने में बदलना सही?
यह पूरी तरह से चॉपिंग बोर्ड की क्वालिटी पर निर्भर करता है कि वह लकड़ी का है या फिर प्लास्टिक का। प्लास्टिक के बोर्ड को 1-2 साल के अंदर बदला जा सकता है। वहीं, लकड़ी या बांस के बोर्ड को 3-4 साल में बदला जा सकता है क्योंकि उसकी क्वालिटी अच्छी होती है।