मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के 20 वर्षीय सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ ‘बिट्टू तबाही’ की मेहनत अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। अकेले अजनार नदी की सफाई का बीड़ा उठाने वाले बिट्टू को नीदरलैंड की संस्था ‘द ओशन क्लीनअप’ ने नौकरी का ऑफर दिया है। संस्था के फाउंडर और CEO बॉयन स्लैट ने बिट्टू के काम की तारीफ करते हुए उन्हें अपने साथ काम करने का न्योता दिया।
केविन पीटरसन ने भी की तारीफ
इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन ने भी बिट्टू की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि बदलाव तब शुरू होता है, जब कोई व्यक्ति दूसरों का इंतजार करने के बजाय खुद पहल करता है। सोशल मीडिया पर बिट्टू की नदी सफाई की तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद उनकी कहानी देश-विदेश तक पहुंची।
26 जनवरी को लिया था संकल्प
बिट्टू ने 26 जनवरी को अजनार नदी को फिर से साफ और स्वच्छ बनाने का संकल्प लिया था। शुरुआत में कुछ दोस्त भी उनके साथ जुड़े, लेकिन कठिन और थकाऊ काम के चलते वे धीरे-धीरे पीछे हट गए। इसके बाद बिट्टू ने अकेले ही सफाई जारी रखी। वह रोज घंटों नदी में उतरकर हाथों से कचरा निकालते रहे।
जेसीबी भी लगवाई, खुद किया खर्च
नदी के गहरे हिस्सों से भारी कचरा निकालने के लिए बिट्टू ने अपनी जेब से पैसे खर्च कर जेसीबी मशीन भी लगवाई। करीब तीन महीने की मेहनत के बाद अजनार नदी की तस्वीर काफी बदल गई और कई हिस्सों में साफ पानी नजर आने लगा।
सोशल मीडिया से बदली पहचान
बिट्टू और उनके साथी कृष्णा पिछले दो-ढाई महीने से नदी सफाई के वीडियो सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं। उनका कहना है कि परिवार को भी उनके काम की जानकारी नहीं थी। वे घर से क्रिकेट खेलने जाने की बात कहकर नदी की सफाई करने निकलते थे। अब उनकी मेहनत की चर्चा प्रशासन से लेकर अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं तक पहुंच चुकी है।