इच्छामृत्यु से पहले हरीश राणा के पिता ने लिया बड़ा फैसला, करेंगे अंग दान

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इच्छामृत्यु से पहले हरीश राणा के पिता ने लिया बड़ा फैसला, करेंगे अंग दान

इच्छामृत्यु से पहले हरीश राणा के पिता ने लिया बड़ा फैसला करेंगे अंग दान

Harish Rana organ donation: सूप्रीम कोर्ट  ने गाजियाबाद के हरीश राणा को इच्छामृत्यु की अनुमति दी। पिछले 13 साल से हरीश कोमा में है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दी है। यह फैसला ऐतिहासिक है। देश में यह पहली बार है, जब सुप्रीम कोर्ट ने किसी को इच्छामृत्यु की अनुमति दी है। वहीं अब हरीश राणा के माता-पिता ने एक बड़ा फैसला लिया, जो कई सारे लोगों को नई जिंदगी देने का काम करेगा।

हरीश के अंगों का दान

माता-पिता ने अदालत में शुरू से ही कहा था कि अगर इच्छामृत्यु की इजाजत मिलती है, तो उनके बेटे के जो अंग काम कर रहे हैं, उन्हें दान कर दिया जाए। वे चाहते हैं कि हरीश के अंग उन मरीजों को मिलें जिन्हें उनकी सबसे ज्यादा जरूरत है। परिवार ने बताया कि हम चाहते हैं कि हरीश के अंग दूसरों की जिंदगी बचाएं। कोर्ट के फैसले के बाद भी वे अपनी इस सोच पर अडिग हैं। यह सिर्फ कानूनी मामला नहीं था, बल्कि अपनी पीड़ा को दूसरों की उम्मीद में बदलने की एक कोशिश थी।

[caption id="attachment_140530" align="alignnone" width="1124"]हरीश राणा हरीश राणा[/caption]

Harish Rana organ donation: पिता की पीड़ा

हरीश के पिता अशोक के लिए 13 साल तक बेटे को बिना होश के तड़पते देखना बहुत तकलीफदेह रहा है। उन्होंने खुद कहा कि एक पिता के लिए यह बहुत मुश्किल होता है। लेकिन अगर हमारे इस फैसले से किसी और को नई जिंदगी मिले, तो हमें शांति मिलेगा। यह दर्द भरा फैसला सिर्फ परिवार के लिए राहत नहीं है, बल्कि दूसरों के लिए आशा की किरण बन सकता है। 

[caption id="attachment_140531" align="alignnone" width="1101"]हरीश राणा के पिता हरीश राणा के पिता[/caption]

इच्छामृत्यु की प्रक्रिया 

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हरीश राणा की फूड पाइप हटा दी जाएगी। उन्हें AIIMS में डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा। इसके बाद उनका सपोर्ट सिस्टम हटा दिया जाएगा। फिर उनके शरीर का सम्मानजनक अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस प्रक्रिया के दौरान परिवार अंगदान की अपनी इच्छा पर कायम रहेगा। वे चाहते हैं कि हरीश के शरीर से जो भी संभव हो, वह दूसरों की मदद करे।

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