सिंगर मीका सिंह ने पाकिस्तान को लेकर अपने विचार साझा किए हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने पाकिस्तान से अपने भावनात्मक जुड़ाव की वजह बताई। साथ ही उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच कलाकारों की आवाजाही और पाकिस्तानी कलाकारों को लेकर होने वाली बहस पर भी अपनी राय रखी।
दिलजीत दोसांझ को लेकर उठाए सवाल
मीका सिंह ने हाल ही में सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ के फिल्म प्रमोशन को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने खास तौर पर बॉलीवुड फिल्म ‘बॉर्डर 2’ के सीमित प्रमोशन और पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर के साथ फिल्म ‘सरदारजी 3’ के प्रमोशन को लेकर अपनी बात रखी।
इसी दौरान जब उनसे पूछा गया कि वह दिलजीत के पाकिस्तान जाने पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि वह खुद पाकिस्तान जा चुके हैं, तो मीका ने अपने पाकिस्तान दौरे का जिक्र करते हुए जवाब दिया।
‘पाकिस्तान जाने के लिए सरकार मना कर रही है क्या?’
मीका ने कहा कि जब वह पाकिस्तान गए थे, उसके बाद उरी की घटना हुई थी। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति वीजा लेकर पाकिस्तान जाता है तो वह छिपकर नहीं जा रहा होता। उनके मुताबिक, किसी दूसरे देश में जाकर परफॉर्म करने और किसी चीज को प्रमोट करने के बीच फर्क है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई कलाकार पाकिस्तान में निजी कार्यक्रम में परफॉर्म करके भारत लौटता है और यहां टैक्स देता है, तो इसे अलग नजरिए से देखा जाना चाहिए। मीका ने पाकिस्तानी कलाकारों के भारत आने पर बॉलीवुड के स्वागत का भी जिक्र किया।
पाकिस्तान से क्यों है मीका का भावनात्मक जुड़ाव?
मीका सिंह ने बताया कि पाकिस्तान से उनका लगाव धार्मिक और भावनात्मक वजहों से भी है। उन्होंने पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा ननकाना साहिब और पंजा साहिब का जिक्र किया। मीका ने कहा कि जब भी उन्हें पाकिस्तान जाने का मौका मिलता है, उन्हें ऐसा महसूस होता है जैसे उन्हें गुरुद्वारों से बुलावा आया हो।
उन्होंने अपने अनुभवों को अपनी निजी सोच बताते हुए कहा कि जम्मू में कार्यक्रम के दौरान भी उन्हें लगता है कि माता वैष्णो देवी ने उन्हें बुलाया है।
‘पाकिस्तान के लोग बुरे नहीं हैं’
मीका ने पाकिस्तान में गुरुद्वारों की सेवा करने वाले स्थानीय लोगों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां कई मुस्लिम समुदाय के लोग गुरुद्वारों की सफाई और सेवा में योगदान देते हैं। उन्होंने सिंधी समुदाय के गुरु नानक देव जी के प्रति सम्मान की बात भी कही।
मीका ने कहा कि पाकिस्तान बुरा नहीं है और वहां के लोग भी बुरे नहीं हैं। इसी दौरान उन्होंने सवाल उठाया कि भारत में पाकिस्तान के मुसलमानों को लेकर अलग धारणा क्यों है, जबकि दुबई के मुसलमानों को लेकर लोगों का नजरिया अलग दिखाई देता है।
मीका सिंह का यह बयान भारत-पाकिस्तान संबंधों, कलाकारों की आवाजाही और दोनों देशों के लोगों को लेकर जारी सार्वजनिक बहस के बीच सामने आया है।