Kantara Chapter 1 Film Release: एक्शन, ड्रामा और पौराणिक कथा का शानदार मेल, ऋषभ ...

kantara-chapter-1-film-release-rishab-shetty-2025

Kantara Chapter 1 Film Release: एक्शन, ड्रामा और पौराणिक कथा का शानदार मेल, ऋषभ शेट्टी ने जीता फैंस का दिल!

kantara chapter 1 film release एक्शन ड्रामा और पौराणिक कथा का शानदार मेल ऋषभ शेट्टी ने जीता फैंस का दिल

‘Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari’ Release: वरुण-जान्हवी की नई रोमांटिक कॉमेडी में नकली रोमांस, जानिए रिव्यू… बता दें यह फिल्म 8 भाषाओं कन्नड़, हिंदी, तेलुगू, मलयालम, तमिल, बंगाली और अंग्रेजी में रिलीज हुई है।

कैसी है फिल्म की कहानी?

फिल्म वहीं से शुरू होती है, जहां पिछला भाग खत्म हुआ था। बच्चा एक सवाल पूछता है और उसे एक दंत कथा सुनाई जाती है। कहानी कंदब साम्राज्य के दौर की है। एक ओर भगवान शिव के उपासक कांतारा गांव वाले हैं, तो दूसरी ओर राजा विजयेंद्र (जयराम) का साम्राज्य। गांववासी मानते हैं कि उनकी रक्षा ईश्वर के गण करते हैं। लेकिन राजा और उसका पुत्र कुलसेखर इस आस्था और शांति को चुनौती देते हैं। कुलसेखर गांववालों पर अत्याचार करता है, जिसे रोकने के लिए आदिवासी नेता बर्मे (ऋषभ शेट्टी) आगे आते हैं। अपनी रणनीति और साहस से वह कुलसेखर को चुनौती देता है और गुलिका अनुष्ठान से उसकी हत्या करता है। Rishab Birthday Kantara Chapter 1 Release इसके बाद कहानी में छल, रणनीति और पौराणिक विश्वासों का खेल और भी गहराता है। इस बीच कनकवती (रुक्मिणी वसंत) की एंट्री और जंगल के देवता पनजुरली की शक्ति रोमांच और रहस्य को और गहरा कर देती है।

कैसी है एक्टिंग?

ऋषभ शेट्टी ने बर्मे के रूप में गहरी छाप छोड़ी है। उनका परफॉर्मेंस सालों तक याद किया जाएगा। रुक्मिणी वसंत अपनी दमदार एक्टिंग और ग्रे शेड के साथ कहानी को नया आयाम देती हैं। जयराम और गुलशन देवैया अपने किरदारों में वजन और मजबूती लाते हैं।

डायरेक्शन और तकनीकी पहलू...

ऋषभ शेट्टी ने फिल्म का टोन रॉ और रियल रखा है। अरविंद एस. कश्यप की सिनेमैटोग्राफी जंगल और गांव की लोकेशन को शानदार ढंग से दिखाती है। प्रोडक्शन डिजाइन आदिवासी संस्कृति को बारीकी से दर्शाता है। एक्शन सीन्स दमदार हैं और हल्के कॉमेडी सीन फिल्म को मनोरंजक बनाते हैं। हालांकि कुछ सीन्स लंबे लगते हैं और फिल्म की गति धीमी कर देते हैं। हिंदी डबिंग में कुछ भावनाएं उतनी गहराई से नहीं आ पातीं। Kantara Chapter 1 Trailer Release

फाइनल वर्डिक्ट

कंतारा चैप्टर 1 सिर्फ फिल्म नहीं, बल्कि एक अनुभव है। यह लोककथाओं, आस्था और जंगल की रहस्यमयी दुनिया को दर्शाती है। शानदार अभिनय, सिनेमैटोग्राफी और दमदार संगीत फिल्म को खास बनाते हैं। हालांकि ग्राफिक्स और कुछ लंबे सीन कमजोर पड़ते हैं, लेकिन कुल मिलाकर फिल्म दर्शकों के लिए यादगार साबित होती है।

जानिए दर्शकों ने कैसे दिए हैं रिव्यू....

संबंधित सामग्री

सीएम डॉ. मोहन की अनोखी पहल, अब हर शुक्रवार को होगा मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान

राज्य

सीएम डॉ. मोहन की अनोखी पहल, अब हर शुक्रवार को होगा मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा शुरू किया गया जन-विश्वास अभियान 2026, 7 अगस्त से 8 जनवरी 2027 तक चलेगा, जिसमें साप्ताहिक गतिविधियाँ निर्धारित हैं।

ठाणे में 21वीं मंजिल से गिरकर बुजुर्ग महिला की मौत, पुलिस जांच में जुटी; टाटा समूह के वरिष्ठ अधिकारी की मां थीं मृतका

जुर्म गाथा

ठाणे में 21वीं मंजिल से गिरकर बुजुर्ग महिला की मौत, पुलिस जांच में जुटी; टाटा समूह के वरिष्ठ अधिकारी की मां थीं मृतका

ठाणे के वर्तक नगर में एक बहुमंजिला इमारत से गिरकर बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सबसे ऊपर किसान हित, सीएम डॉ. मोहन बोले- खेतों से लेकर अन्नदाता के खातों तक का ध्यान रख रही सरकार

राज्य

सबसे ऊपर किसान हित, सीएम डॉ. मोहन बोले- खेतों से लेकर अन्नदाता के खातों तक का ध्यान रख रही सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदापुरम में 11वें बलराम कृषि महोत्सव में किसानों के लिए विभिन्न योजनाओं की घोषणा की।

हिमाचल में प्रशासनिक नियुक्तियों पर नजरें, निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची सेवानिवृत्त; तीन अहम पदों पर नियुक्ति का इंतजार

राज्य

हिमाचल में प्रशासनिक नियुक्तियों पर नजरें, निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची सेवानिवृत्त; तीन अहम पदों पर नियुक्ति का इंतजार

हिमाचल प्रदेश में अनिल खाची के सेवानिवृत्ति के बाद प्रशासन में महत्वपूर्ण नियुक्तियों की प्रक्रिया तेज हुई है। नए राज्य निर्वाचन आयुक्त सहित अन्य पदों पर नियुक्तियां होनी हैं।

JPSC विवाद पर तेज हुई सियासत, CM सोरेन ने राज्यपाल को दी जांच की जानकारी; 7 अगस्त को विधानसभा मार्च का ऐलान

राज्य

JPSC विवाद पर तेज हुई सियासत, CM सोरेन ने राज्यपाल को दी जांच की जानकारी; 7 अगस्त को विधानसभा मार्च का ऐलान

झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में अनियमितताओं के चलते छात्रों का आंदोलन तेज, मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।