अविमुक्तेश्वरानंद को तीनों शंकराचार्य का समर्थन, बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा

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अविमुक्तेश्वरानंद को तीनों शंकराचार्य का समर्थन, बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा

अविमुक्तेश्वरानंद को तीनों शंकराचार्य का समर्थन बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा

Avimukteshwaranand Shankaracharya support: 9 दिनों से चल रहे प्रयागराज माघ मेले में अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच अभी भी खींचतान जारी है। इसी बीच द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने कहा- 3 शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में हैं। प्रशासन कौन होता है उनका सर्टिफिकेट मांगने वाला । उसे कोई अधिकार नहीं है। प्रशासन ने निर्दोष ब्राह्मणों के साथ जो मारपीट की, वह बेहद निंदनीय है। द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने यह बात जबलपुर में नर्मदा जन्मोत्सव कार्यक्रम में कही। 

[caption id="attachment_130516" align="alignnone" width="525"]द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती[/caption]

सिटी मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा

इधर, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों से पिटाई से नाराज बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने 5 पेज के लेटर में लिखा - माघ मेले के दौरान शंकराचार्य के शिष्यों की चोटी पकड़ी गई। इससे आहत होकर उन्होंने यह फैसला लिया। [caption id="attachment_130517" align="alignnone" width="531"]बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा दे दिया बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा दे दिया[/caption]

अविमुक्तेश्वरानंद ने फहराया तिरंगा 

प्रयागराज माघ मेले में शिविर के बाहर धरने पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने तिरंगा फहराया। शंकराचार्य ने कहा– अगर केशव प्रसाद मौर्य का बस चलता तो वो कब का हमें नहलाकर चले गए होते। उनको डांटा जा रहा है। उन्हें आने नहीं दिया जा रहा। एक समझदार नेता को दबाया गया। [caption id="attachment_130519" align="alignnone" width="537"]स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने तिरंगा फहराया स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने तिरंगा फहराया[/caption]

Avimukteshwaranand Shankaracharya support: क्या बोले केशव मौर्य?

बता दे कि, केशव मौर्य रविवार को प्रयागराज पहुंचे। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद से जुड़े सवाल पर कहा, 'जब मुझसे बात करने को कहा जाएगा, तब मैं जरूर करूंगा। मैं शंकराचार्य से प्रार्थना कर सकता हूं, उनके चरणों में शीश झुकाकर निवेदन करता हूं कि संगम में स्नान करें और विवाद खत्म करें।'

क्या है पूरा मामला?

प्रयागराज माघ मेला प्रशासन और अविमुक्तेश्वरानंद के बीच 9 दिन से विवाद चल रहा है। खत्म होने की बजाय मामला बढ़ता जा रहा है। इससे पहले अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा था, 'कितने भी जुल्म कर लो, पीछे नहीं हटूंगा।'

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