नवमी पर महाउपाय

अगर अब तक नहीं कर पाए पूजा, तो नवमी के अंतिम दिन करें ये महाउपाय, मां भगवती करेंगी सभी मनोकामनाएं पूरी

गुप्त नवरात्रि की नवमी पर मां मातंगी और कमला की पूजा से जीवन में सुख, समृद्धि और आर्थिक उन्नति की प्राप्ति होती है।

अगर अब तक नहीं कर पाए पूजा, तो नवमी के अंतिम दिन करें ये महाउपाय, मां भगवती करेंगी सभी मनोकामनाएं पूरी

आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि देवी साधना और दस महाविद्याओं की उपासना का विशेष पर्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इन नौ दिनों में देवी के विभिन्न स्वरूपों की तंत्र, मंत्र और विधि-विधान से पूजा करने पर साधक को सुख, समृद्धि, सौभाग्य और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।यदि किसी कारणवश आप अब तक गुप्त नवरात्रि की पूजा नहीं कर पाए हैं, तो निराश होने की जरूरत नहीं है। गुप्त नवरात्रि की नवमी तिथि पर कुछ विशेष उपाय करके भी मां भगवती की कृपा प्राप्त की जा सकती है।

नवमी पर किन देवियों की पूजा होती है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुप्त नवरात्रि की नवमी पर मां मातंगी और मां कमला की पूजा का विशेष महत्व है।मां मातंगी को ज्ञान, वाणी, संगीत और कला की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है।मां कमला को धन, वैभव, समृद्धि और सुख-सौभाग्य प्रदान करने वाली महाविद्या माना जाता है।इन दोनों देवियों की विधि-विधान से पूजा करने पर जीवन में सुख, समृद्धि, यश और आर्थिक उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त होने की मान्यता है।

मां मातंगी की पूजा कैसे करें?

शास्त्रों के अनुसार मां मातंगी की साधना करने से सभी महाविद्याओं की कृपा प्राप्त होती है। नवमी के दिन स्नान के बाद मां मातंगी का पूजन करें और हरे या पीले पुष्प अर्पित करें।

इसके बाद श्रद्धा भाव से इन मंत्रों का अधिक से अधिक जाप करें—

"ॐ ऐं ह्रीं श्रीं मातंग्यै नमः" या "ॐ ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा"

मां कमला की पूजा का उपाय

यदि आप आर्थिक परेशानियों से मुक्ति चाहते हैं या धन-संपत्ति में वृद्धि की कामना रखते हैं, तो नवमी के दिन मां कमला की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।

पूजा के दौरान मां को कमल का फूल और खीर का भोग अर्पित करें। इसके बाद कमलगट्टे की माला से इस मंत्र का जाप करें—

"ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं क्लीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः" मान्यता है कि इस मंत्र के जाप से आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

गुप्त नवरात्रि की नवमी पर किसी भी दुर्गा मंदिर में जाकर माता को—

नारियल अर्पित करें।
लाल चुनरी चढ़ाएं।
श्रृंगार का सामान अर्पित करें।
दीपक और धूप जलाकर माता की आरती करें।
सच्चे मन से अपनी मनोकामना व्यक्त करें।

धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए इन उपायों से माता रानी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं और जीवन के कष्टों को दूर करती हैं।

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