गुप्त नवरात्रि के छठे दिन की पूजा

गुप्त नवरात्रि का छठवा दिन आज, महाविद्या त्रिपुर भैरवी की करें पूजा, जानिए विधि और मंत्र

आज गुप्त नवरात्रि के छठे दिन महाविद्या त्रिपुर भैरवी की पूजा की जा रही है, जो भक्तों को हर प्रकार की बाधाओं से मुक्ति दिलाने में सहायक है।

गुप्त नवरात्रि का छठवा दिन आज, महाविद्या त्रिपुर भैरवी की करें पूजा, जानिए विधि और मंत्र

गुप्त नवरात्रि का छठवा दिन आज, महाविद्या त्रिपुर भैरवी की करें पूजा, जानिए विधि और मंत्र

आज गुप्त नवरात्रि का छठा दिन हैं और आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है.गुप्त नवरात्रि के छठे दिन महाविद्याओं में से छठी देवी की पूजा की जाती है. यह दिन मां त्रिपुर भैरवी की पूजा को समर्पित माना जाता है. देवी त्रिपुर भैरवी को चैतन्य भैरवी, सिद्ध भैरवी, भुवनेश्वर भैरवी और कमलेश्वरी भैरवी आदि नामों से भी जानते हैं. मां त्रिपुर भैरवी की पूजा से भक्तों को हर प्रकार की बाधाओं से मुक्ति मिलती है. कानूनी मामलों में जीत के लिए मां त्रिपुर भैरवी की पूजा करें.

मां त्रिपुर भैरवी पूजा शुभ मुहूर्त 

ब्रह्म मुहूर्त- 04:13 ए एम से 04:54 ए एम
प्रातः सन्ध्या- 04:34 ए एम से 05:35 ए एम
अभिजित मुहूर्त- 12:00 पी एम से 12:55 पी एम
विजय मुहूर्त- 02:45 पी एम से 03:40 पी एम
सायाह्न सन्ध्या- 07:19 पी एम से 08:21 पी एम
निशिता मुहूर्त- 12:07 ए एम से 12:48 ए एम, 20 जुलाई

मां त्रिपुर भैरवी पूजा विधि 

गुप्त नवरात्रि के छठे दिन सुबह स्नान कर साफ वस्त्र पहनें. इसके बाद पूजा स्थान की सफाई कर मां त्रिपुर भैरवी की प्रतिमा स्थापित करें. देवी त्रिपुर भैरवी के समक्ष दीपक और धूप जलाएं. देवी को कुमकुम, रोली और तिलक अर्पित करें. फूल माला चढ़ाएं और मंत्रों का जाप करें. मां त्रिपुर भैरवी को फल और मिठाइयों का भोग लगाएं. देवी मां की स्तुति कर पूजा संपन्न करें.

मां त्रिपुर भैरवी पूजा मंत्र 

ह्नीं भैरवी क्लौं ह्नीं स्वाहा:
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नमः
ॐ ह्रीं सर्वैश्वर्याकारिणी देव्यै नमो नम:

मां त्रिपुर भैरवी स्तुति 

सहस्र सूर्य-सी दीप्तिमान, लाल वस्त्र पहने,
रक्त रंजित ओष्ठ लाल, ग्रीवा में डाले मुण्डमाल,
चतुर्भुजा मां भैरवी, दो हाथों में पुस्तक-माला,
दो हाथों से देती वरदान और विश्वास,
कमल सरीखे तीन नयन हैं मां के,
सिर पर रत्न मुकुट और अर्ध चंद्र,
शत्रु संहारिणी, शव सिंहासिनी मां भैरवी!
शत्रुओं से घिरे हम, न दीखता कोई रास्ता है,
पाएं कैसे हम छुटकारा, मां आप ही कर दो ऐसी युक्ति,
जिससे हमें मिल जाए मुक्ति।
कोई नहीं हमारा है, मां आप ही का सहारा है,
दुख हर लो मेरा, त्राता-दाता करो कृपा मां भैरवी!

॥ इति मां त्रिपुर भैरवी स्तुति सम्पूर्णम् ॥

संबंधित सामग्री

वर्षों पुरानी इच्छा भी होगी पूरी? श्राद्धपक्ष में नंदीकेश्वर शिव का नाम लेकर करें यह उपाय

वर्षों पुरानी इच्छा भी होगी पूरी? श्राद्धपक्ष में नंदीकेश्वर शिव का नाम लेकर करें यह उपाय

श्राद्धपक्ष के दौरान नंदीकेश्वर शिव की पूजा करने की परंपरा है, जिससे व्यक्ति की मनोकामना पूरी होने की मान्यता है।

लव मैरिज के 2 साल बाद महिला की मौत:बिस्तर में अगरबत्ती से आग लगने की बात सामने आई; भाई ने हत्या का आरोप लगाया

लव मैरिज के 2 साल बाद महिला की मौत:बिस्तर में अगरबत्ती से आग लगने की बात सामने आई; भाई ने हत्या का आरोप लगाया

भोपाल की नवविवाहिता पूजा अहिरवार की जान घर में लगी आग से गई। परिवार ने हत्या की आशंका जताई, पुलिस जांच में जुटी।

परिवर्तिनी एकादशी 2026: 22 सितंबर को रखा जाएगा व्रत, जानें पूजा का मुहूर्त और पारण का समय

परिवर्तिनी एकादशी 2026: 22 सितंबर को रखा जाएगा व्रत, जानें पूजा का मुहूर्त और पारण का समय

22 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी परिवर्तिनी एकादशी, जिसमें भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की पूजा की जाती है। दान का भी महत्व है।

विश्वकर्मा जयंती पर CM साय ने श्रमवीरों और शिल्पकारों को दी शुभकामनाएं, प्रगति की कामना

विश्वकर्मा जयंती पर CM साय ने श्रमवीरों और शिल्पकारों को दी शुभकामनाएं, प्रगति की कामना

रायपुर में मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा पूजा की और श्रमिकों के योगदान को सराहा। उन्होंने प्रदेश की समृद्धि और विकास के लिए प्रार्थना की और श्रमिकों का सम्मान करने की बात कही।

लाल कलावा में 7 गांठ बांधकर मुख्य द्वार पर करें यह विधि, संकटमोचन करेंगे घर की रक्षा!

लाल कलावा में 7 गांठ बांधकर मुख्य द्वार पर करें यह विधि, संकटमोचन करेंगे घर की रक्षा!

मंगलवार को भगवान हनुमान की पूजा का विशेष महत्व है, जिसमें लाल कलावा बांधने से घर में सकारात्मकता और सुरक्षा का वातावरण बनता है।

Advertisement

सेवा के 25 वर्ष 14 सितम्बर से  13 ऑक्टोबर