Maa Vindhyavasini Miracle Dhamtari: धमतरी में दिखा माता का अद्भुत चमत्कार, देवी मां ने बदला स्वरूप!

dhmatri-maa-vindhyavasini-chamatkar-new-form

Maa Vindhyavasini Miracle Dhamtari: धमतरी में दिखा माता का अद्भुत चमत्कार, देवी मां ने बदला स्वरूप!

maa vindhyavasini miracle dhamtari धमतरी में दिखा माता का अद्भुत चमत्कार देवी मां ने बदला स्वरूप

Maa Vindhyavasini Miracle Dhamtari: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित प्रसिद्ध मां विंध्यवासिनी मंदिर इन दिनों भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां 35 साल बाद माता ने अपना स्वरूप बदला है। बताया जा रहा है कि माता ने लगभग 25 किलो का चोला निकाल दिया, जिसके बाद वे मोहनी रूप में भक्तों को दर्शन दे रही हैं। Read More: Bagdai Vandevi Temple: छत्तीसगढ़ के इस मंदिर में पत्थर चढ़ाने से पूरी होती हैं भक्तों की मनोकामनाएं…

मां के नए स्वरूप के दर्शन को लगा तांता...

धमतरी शहर की आराध्य देवी मां विंध्यवासिनी, जिन्हें बिलाई माता के नाम से भी जाना जाता है, अब नए मोहनी रूप में दिखाई दे रही हैं। एक दिन अचानक मां का चोला हट गया और वे अपने मूल स्वरूप में प्रकट हुईं। मंदिर परिसर में यह खबर फैलते ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

60 साल पहले भी हुआ था ऐसा चमत्कार...

स्थानीय निवासी ने बताया कि- '12 मई की सुबह करीब 10 बजे अचानक सूचना मिली कि मां का चोला हट गया है। सभी पुजारियों ने मंदिर के पट बंद कर लगभग 6 घंटे तक विशेष पूजा-अर्चना की। इसके बाद मां का श्रृंगार किया गया और अब वे मोहनी रूप में विराजमान हैं। पंडितों के अनुसार, 60 साल पहले भी मां विंध्यवासिनी ने ऐसा चमत्कार दिखाया था।

गंगा में प्रवाहित किया जाएगा पुराना चोला...

वहां के रहवासी ने बताया कि- माता का निकला हुआ चोला विधि-विधान से गंगाजल में प्रवाहित किया गया। मंदिर में हर सप्ताह 2-3 दिन सिंदूर और घी से मां का लेप और श्रृंगार किया जाता है, जिससे धीरे-धीरे चोला मोटा होता जाता है।

मंदिर का इतिहास और मान्यताएं...

मां विंध्यवासिनी मंदिर का इतिहास मार्कण्डेय पुराण के देवी महात्म्य में वर्णित है। जनश्रुति के अनुसार, यह मूर्ति धमतरी के गोड़ नरेश धुरूवा काल की बताई जाती है। कहा जाता है कि जिस स्थान पर आज मंदिर है, वहां पहले घना जंगल हुआ करता था। एक बार राजा के घोड़े उस स्थान पर रुक गए, और जांच करने पर वहां पत्थर के पास दो जंगली बिल्लियां दिखाई दीं। जब राजा ने पत्थर हटाने का आदेश दिया, तो वहां से जल की धारा फूट पड़ी। उसी रात देवी ने राजा को स्वप्न में दर्शन देकर कहा कि वे वहीं स्थापित होना चाहती हैं। राजा ने वहीं देवी की प्रतिष्ठा करवाई, जो बाद में मंदिर के रूप में विकसित हुआ।

भक्तों की आस्था और श्रद्धा...

भक्तों का मानना है कि मां विंध्यवासिनी अपने हर भक्त की मनोकामना पूर्ण करती हैं। अब जब माता का मोहनी स्वरूप प्रकट हुआ है, तो लोगों में उत्साह और श्रद्धा का माहौल है। भक्त रोजाना मंदिर पहुंचकर माता के दर्शन कर रहे हैं और चमत्कार के साक्षी बन रहे हैं।  

संबंधित सामग्री

सीएम डॉ. मोहन की अनोखी पहल, अब हर शुक्रवार को होगा मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान

राज्य

सीएम डॉ. मोहन की अनोखी पहल, अब हर शुक्रवार को होगा मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा शुरू किया गया जन-विश्वास अभियान 2026, 7 अगस्त से 8 जनवरी 2027 तक चलेगा, जिसमें साप्ताहिक गतिविधियाँ निर्धारित हैं।

ठाणे में 21वीं मंजिल से गिरकर बुजुर्ग महिला की मौत, पुलिस जांच में जुटी; टाटा समूह के वरिष्ठ अधिकारी की मां थीं मृतका

जुर्म गाथा

ठाणे में 21वीं मंजिल से गिरकर बुजुर्ग महिला की मौत, पुलिस जांच में जुटी; टाटा समूह के वरिष्ठ अधिकारी की मां थीं मृतका

ठाणे के वर्तक नगर में एक बहुमंजिला इमारत से गिरकर बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सबसे ऊपर किसान हित, सीएम डॉ. मोहन बोले- खेतों से लेकर अन्नदाता के खातों तक का ध्यान रख रही सरकार

राज्य

सबसे ऊपर किसान हित, सीएम डॉ. मोहन बोले- खेतों से लेकर अन्नदाता के खातों तक का ध्यान रख रही सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदापुरम में 11वें बलराम कृषि महोत्सव में किसानों के लिए विभिन्न योजनाओं की घोषणा की।

हिमाचल में प्रशासनिक नियुक्तियों पर नजरें, निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची सेवानिवृत्त; तीन अहम पदों पर नियुक्ति का इंतजार

राज्य

हिमाचल में प्रशासनिक नियुक्तियों पर नजरें, निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची सेवानिवृत्त; तीन अहम पदों पर नियुक्ति का इंतजार

हिमाचल प्रदेश में अनिल खाची के सेवानिवृत्ति के बाद प्रशासन में महत्वपूर्ण नियुक्तियों की प्रक्रिया तेज हुई है। नए राज्य निर्वाचन आयुक्त सहित अन्य पदों पर नियुक्तियां होनी हैं।

JPSC विवाद पर तेज हुई सियासत, CM सोरेन ने राज्यपाल को दी जांच की जानकारी; 7 अगस्त को विधानसभा मार्च का ऐलान

राज्य

JPSC विवाद पर तेज हुई सियासत, CM सोरेन ने राज्यपाल को दी जांच की जानकारी; 7 अगस्त को विधानसभा मार्च का ऐलान

झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में अनियमितताओं के चलते छात्रों का आंदोलन तेज, मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।