Bharat Milap Temple Chitrakoot: ऐसा मंदिर जहां भगवान राम को आयोध्या वापस ले जाने आएं थे भारत!

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Bharat Milap Temple Chitrakoot: ऐसा मंदिर जहां भगवान राम को आयोध्या वापस ले जाने आएं थे भारत!

bharat milap temple chitrakoot ऐसा मंदिर जहां भगवान राम को आयोध्या वापस ले जाने आएं थे भारत

Bharat Milap Temple Chitrakoot: चित्रकूट में स्थित है भरत -मिलाप मंदिर यह वह मंदिर है, जहां भरत भगवान राम से मिलने और आयोध्या वापस चलने का आग्रह करने आएं थे। भरत चाहते थे राम जी अपना चौदह वर्षो का वनवास त्यागकर आयोध्या वापस चलें और राज्यभार संभालें। यह मंदिर मध्यप्रदेश राज्य के चित्रकूट की पवित्र भूमि में कामदगिरी पहाड़ी की परिक्रमा पथ पर स्थित है। इस कथा का उल्लेख वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में स्पष्ट रुप से किया गया है।

Bharat Milap Temple Chitrakoot: भगवान राम के साथ विराजमान हैं उनकी पत्नी

भरत मिलाप मंदिर में भरत - राम की प्रतिमाएं तो हैं ही, साथ ही राम, माता सीता, लक्ष्मण और भरत की प्रतिमाएं भी विराजमान हैं। यहां जब राम अपनी पदुकाएं देते है, भरत से गले मिलते हैं ये सारी प्रतिमाएं इस स्थान पर बनाई गई हैं।

Bharat Milap Temple Chitrakoot मंदिर में क्या है खास?

यह मंदिर भाई - भाई के प्रेम को दर्शाता है। इस स्थान पर भगवान रामचंद्र और उनके छोटे भाई भरत के कमल जैसे पदचिन्ह देखने को मिलते हैं। शास्त्रों के अनुसार, जब भारत राम को लेने आएं तो राम जी ने कहा की पिता के वचन का मान रखना जरुरी है, मैं 14 साल बाद आकर वो कार्यभार संभाल लूंगा लेकिन 14 साल तक तुम्हें ही संभालना होगा। तब भारत ने रामजी से उनकी चरण पदुकाएं मांग ली, और उसे सिर पर रखकर आयोध्या की ओर चल पड़े। कहा जाता है, यह दश्य देखकर वहां रखे पत्थर और चट्टाने पिघलने लगी थी।

मध्यप्रदेश के चित्रकूट में हैं ये मंदिर

यह मंदिर मध्यप्रदेश के चित्रकूट जिले में स्थापित है। यह स्थान रामायण काल की यादें जुड़ी हैं, यह मंदिर सनातन धर्म और राम कथा को जीवित रखने का मंदिर है, आने वाली पीढ़ियों के लिए ये मंदिर एक प्रमाण साबित होगा। बताया जाता है यह मंदिर मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की सीमा पर स्थित है। भक्त यहां दूर - दूर से भगवान के दर्शन करने आते हैं।

इस तरह पहुंच सकते हैं मंदिर

अगर आप भी भरत-मिलाप मंदिर जाना चाहते हैं तो यहां आप बाय रोड बाइक, कार और ट्रेन से जा सकते है। अगर आप चित्रकूट के बाहर के रहने वाले हैं, तो चित्रकूट में पहले रेल्वे स्टेशन चित्रकूट धाम कर्वी जाएं वहां से लगभग 11 किलोमीटर दूर और कामदगिरि परिक्रमा मार्ग से 5 किलोमीटर दूरी पर स्थित है।

भरत- राम मिलाप को नाटक के जरिए दर्शाते कलाकार

चित्रकूट में हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन, नाटक का आयोजन किया जाता है। उसमें रामलीलाएं करते है, रामायण की कुछ घटनाओं का एक्ट करके वो सुनी कथाएं रिक्रिएट करते हैं। इसमें भारत मिलाप भी दिखाया जाता है। अगर आप चित्रकोट जाते हैं तो भारत मिलाप मंदिर जरुर जाएं, इसके अलावा गुप्त गोदावरी, कामदगिरि, हनुमान धारा, सती अनुसूया आश्रम, राम घाट आदि के भी दर्शन कर सकते हैं।

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