रायपुर में ₹54 करोड़ का सरकारी स्कूल, नवंबर से होगी शुरुआत; विदेशी छात्र भी करेंगे पढ़ाई
नवा रायपुर के सेक्टर-32 में 54 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे सरकारी इंटरनेशनल बोर्डिंग स्कूल का निर्माण नवंबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है। करीब 20 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस अत्याधुनिक आवासीय विद्यालय का निर्माण पिछले चार वर्षों से जारी है। परियोजना पूरी होने के बाद यहां कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए विश्वस्तरीय शैक्षणिक और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
आधुनिक सुविधाओं से होगा लैस
स्कूल परिसर में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक विज्ञान एवं कंप्यूटर लैब, डिजिटल लाइब्रेरी, खेल सुविधाएं, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल, भोजनालय और अन्य आवश्यक आवासीय व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा और बेहतर सीखने का माहौल उपलब्ध कराना है।
प्रवेश प्रक्रिया पर फैसला बाकी
हालांकि भवन का निर्माण अंतिम चरण में है, लेकिन अब तक यह तय नहीं हो पाया है कि विद्यालय किस शिक्षा बोर्ड से संचालित होगा। इसके साथ ही शिक्षकों की नियुक्ति, प्रवेश प्रक्रिया और संचालन संबंधी अन्य व्यवस्थाओं पर भी सरकार को जल्द निर्णय लेना होगा, ताकि भवन तैयार होते ही विद्यालय में पढ़ाई शुरू की जा सके।
चार साल से चल रहा निर्माण कार्य
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण पिछले चार वर्षों से जारी है। सितंबर 2022 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने दावा किया था कि वर्ष 2023 से एक हजार विद्यार्थियों की क्षमता वाले इस इंटरनेशनल बोर्डिंग स्कूल का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका, जिसके चलते परियोजना में देरी हुई।
विद्यार्थियों को मिलेगा नया अवसर
निर्माण पूरा होने के बाद यह स्कूल राज्य के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। यदि समय रहते शिक्षा बोर्ड, शिक्षकों की नियुक्ति और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े फैसले ले लिए जाते हैं, तो नवंबर के बाद विद्यालय के संचालन का रास्ता साफ हो सकता है। सरकार को उम्मीद है कि यह संस्थान भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराने वाला प्रमुख सरकारी बोर्डिंग स्कूल बनेगा।