मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर प्रदर्शन करने वालों पर कार्रवाई, भेजा गया जेल
मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे दंपती के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने प्रहलाद पाण्डेय और उनकी पत्नी संगीता को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में उन्हें जेल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने बिना अनुमति के प्रदर्शन किया था। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपनी गलती भी स्वीकार की है।
संविधान लेकर पहुंचे थे प्रदर्शन करने
जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर प्रहलाद पाण्डेय और उनकी पत्नी संगीता मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। दोनों अपने हाथों में संविधान लेकर पहुंचे थे। हालांकि पुलिस को इस प्रदर्शन की जानकारी करीब एक घंटे पहले ही मिल गई थी। इसके बाद पुलिस ने तुरंत सक्रिय होकर मंत्री के घर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी।
सोशल मीडिया से मिली प्रदर्शन की जानकारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन की सूचना सोशल मीडिया के माध्यम से मिली थी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की तैयारी शुरू कर दी थी। जब दोनों दंपती वहां पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे प्रदर्शन जारी रखने पर अड़े रहे।
स्टूडेंट्स प्रदर्शन में भी की थी अपील
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि प्रहलाद पाण्डेय और उनकी पत्नी ने मंत्री के घर के बाहर प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कुछ लोगों से अपील की थी। इसके लिए सोशल मीडिया पर संदेश भी साझा किए गए थे। पुलिस का कहना है कि दोनों ने टंट्याभील चौराहे पर चल रहे स्टूडेंट्स के प्रदर्शन में भी लोगों से मंत्री के घर के बाहर पहुंचने की अपील की थी, लेकिन उनके साथ कोई अन्य व्यक्ति नहीं पहुंचा।
सड़क पर बैठने के बाद पुलिस ने उठाया
जब दोनों प्रदर्शनकारी मंत्री के घर के बाहर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसके बाद प्रहलाद पाण्डेय सड़क पर बैठ गए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें उठाकर वाहन में बैठाया। उनकी पत्नी को भी पुलिस अपने साथ थाने ले गई और दोनों से पूछताछ की गई।
बिना अनुमति प्रदर्शन पर दर्ज हुआ केस
परदेशीपुरा थाना प्रभारी आरडी कानवा के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि दोनों ने अन्य लोगों को भी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बुलाया था। पुलिस ने बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन करने के मामले में कार्रवाई करते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 151 के तहत केस दर्ज किया और दोनों को जेल भेज दिया। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की गई है।