इंदौर में ड्रग तस्करी के लिए सोशल मीडिया का इस्तेम

इंस्टाग्राम के जरिए चल रहा था एमडी ड्रग्स का नेटवर्क, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

इंदौर में नशा तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेते हुए एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स की सप्लाई का नया तरीका अपनाया था। आरोपी मोबाइल नंबर से बातचीत करने के बजाय इंस्टाग्राम अकाउंट और व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिए ग्राहकों से संपर्क करते थे। लसूड़िया थाना पुलिस ने इस अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 53.45 ग्राम एमडी ड्रग्स, दो मोटरसाइकिल और अन्य अहम साक्ष्य बरामद किए हैं।

एक गिरफ्तारी से खुला पूरे गिरोह का राज

पुलिस ने सबसे पहले जफर पठान को गिरफ्तार किया। उसके पास से 19.14 ग्राम एमडी ड्रग्स और एक बजाज पल्सर मोटरसाइकिल बरामद हुई। पूछताछ में जफर ने बताया कि उसे यह ड्रग्स राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के कोठरी गांव निवासी जाहिद उर्फ जावेद खान से मिलती थी। इसके बाद पुलिस और साइबर सेल ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए जाहिद और उसके साथी कन्हैयालाल गायरी को भी गिरफ्तार कर लिया।

इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप कॉल से होती थी डील

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी जानबूझकर सामान्य मोबाइल कॉल का इस्तेमाल नहीं करते थे, ताकि पुलिस की निगरानी से बच सकें। वे इंस्टाग्राम पर ग्राहकों से संपर्क बनाते और व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिए ड्रग्स की डिलीवरी और भुगतान की जानकारी साझा करते थे। पुलिस का मानना है कि इस डिजिटल नेटवर्क के जरिए कई अन्य तस्कर भी जुड़े हो सकते हैं, जिनकी तलाश जारी है।

आरोपियों से मिली बड़ी मात्रा में एमडी ड्रग्स

पुलिस ने जाहिद उर्फ जावेद खान के कब्जे से 34.31 ग्राम एमडी ड्रग्स और एक हीरो मोटरसाइकिल भी जब्त की। तीनों आरोपियों से कुल 53.45 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी पहले भी एनडीपीएस एक्ट सहित अन्य मामलों में आरोपी रह चुके हैं। अब पुलिस उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और आर्थिक लेन-देन की भी जांच कर रही है।

सोशल मीडिया बना तस्करों का नया हथियार

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि नशा तस्कर अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छिपाने और नेटवर्क संचालित करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि साइबर सेल की तकनीकी निगरानी और डिजिटल साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन हैं और ड्रग्स सप्लाई का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है।