हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू

हिमाचल निवेशकों के लिए खोलेगा नए अवसर, CM सुक्खू ने सस्ती बिजली और नई औद्योगिक नीति का किया ऐलान

हिमाचल निवेशकों के लिए खोलेगा नए अवसर, CM सुक्खू ने सस्ती बिजली और नई औद्योगिक नीति का किया ऐलान

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने देश-विदेश के उद्योगपतियों और निवेशकों को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि हिमाचल इस समय निवेश के लिहाज से देश के सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद राज्यों में शामिल है। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार जल्द ही नई निवेश-मित्र औद्योगिक नीति लागू करेगी, जिसके तहत उद्योगों को 24 घंटे निर्बाध और किफायती बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।

हिमाचल सीएम सुक्खू

मुख्यमंत्री ने यह घोषणा द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (TiE) चंडीगढ़ द्वारा आयोजित 23वीं वार्षिक आम बैठक एवं लीडरशिप कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए की। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना और हिमाचल को उत्तर भारत का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनाना है।

GST के बाद घटे राजस्व की भरपाई के लिए बदलेगी नीति

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू होने के बाद हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक राजस्व में भारी गिरावट आई है। उन्होंने बताया कि जहां पहले राज्य को उद्योगों से करीब 4,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता था, वहीं अब यह घटकर केवल 150 से 200 करोड़ रुपये के बीच रह गया है।

इसी चुनौती से निपटने के लिए राज्य सरकार औद्योगिक नीतियों में व्यापक बदलाव कर रही है। उन्होंने बताया कि सोलन जिले के कंडाघाट में आधुनिक आईटी पार्क विकसित किया जा रहा है, जिससे सूचना प्रौद्योगिकी और सेवा क्षेत्र में नए निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

प्रतीकात्मक तस्वीर

बद्दी-चंडीगढ़ रेल परियोजना को मिलेगी रफ्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-नालागढ़ को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए चंडीगढ़ से बद्दी तक रेल लाइन का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में भूमि अधिग्रहण और निर्माण लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा हिमाचल सरकार स्वयं वहन करेगी।

उन्होंने उम्मीद जताई कि यह परियोजना अगले तीन वर्षों में पूरी हो जाएगी, जिससे उद्योगों के परिवहन और लॉजिस्टिक्स खर्च में कमी आएगी तथा निवेश को नई गति मिलेगी।

पंजाब से होगा बिजली समझौता, मजबूत होंगे रिश्ते

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश बिजली उत्पादन के मामले में पावर सरप्लस राज्य है। उन्होंने बताया कि पंजाब को बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तीन वर्ष का पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) किया जा रहा है।

उन्होंने पंजाब को हिमाचल का "बड़ा भाई" बताते हुए कहा कि इस समझौते से दोनों राज्यों के संबंध और मजबूत होंगे। साथ ही उन्होंने चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश के 7.19 प्रतिशत हिस्से से जुड़े मुद्दे पर भी लगातार संवाद जारी रखने की बात कही।

प्रतीकात्मक तस्वीर

बिजली दरों को लेकर उत्तर भारत में बढ़ी प्रतिस्पर्धा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर भारत के राज्यों के बीच उद्योगों को आकर्षित करने के लिए बिजली दरों को प्रतिस्पर्धी बनाया जा रहा है। हाल ही में हिमाचल सरकार ने औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 20 पैसे प्रति यूनिट तक की कटौती की है।

नई दरों के अनुसार, लघु उद्योगों के लिए बिजली 5.50 से 6.20 रुपये प्रति यूनिट, मध्यम उद्योगों के लिए 6.00 से 6.80 रुपये प्रति यूनिट और बड़े उद्योगों के लिए 5.80 से 6.60 रुपये प्रति यूनिट उपलब्ध है।

वहीं, पंजाब सरकार ने भी उद्योगों के लिए 12 से 70 पैसे प्रति यूनिट तक की राहत दी है। नई दरों के तहत लघु उद्योगों के लिए 5.82 रुपये, मध्यम उद्योगों के लिए 5.83 रुपये और बड़े उद्योगों के लिए 6.80 रुपये प्रति यूनिट बिजली निर्धारित की गई है। दूसरी ओर, हरियाणा में मूल टैरिफ के साथ फ्यूल सरचार्ज और अन्य करों के कारण उद्योगों पर प्रभावी बिजली लागत आठ रुपये प्रति यूनिट से अधिक पहुंच जाती है।