दुर्ग जिले को बड़ी सौगात, सीएम साय ने NEET-JEE छात्रों के लिए छात्रावास सहित कई योजनाओं की घोषणा की
दुर्ग जिले को शिक्षा और खेल क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पाटन विकासखंड के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, जामगांव (एम) में आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव 2026-27 कार्यक्रम में जिले के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह बच्चों में नैतिक मूल्यों, वैज्ञानिक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा संसाधनों और अवसरों के अभाव में अपने सपनों से दूर न रहे। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक अधोसंरचना और तकनीकी सुविधाओं के माध्यम से नई पीढ़ी को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है।
NEET-JEE छात्रों के लिए बनेंगे छात्रावास
सीएम साय ने दुर्ग जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए NEET और JEE की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए 100-100 सीटर छात्रावास बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण और सुविधाएं मिल सकेंगी।
आधुनिक ऑडिटोरियम और एथलेटिक्स ट्रैक की सौगात
मुख्यमंत्री ने दुर्ग शहर में सर्वसुविधायुक्त आधुनिक ऑडिटोरियम बनाने की घोषणा की। इसके अलावा खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए फुटबॉल मैदान सह एथलेटिक्स ट्रैक विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ खेल क्षेत्र में भी युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
बच्चों का किया स्वागत और बांटी सामग्री
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पहली बार स्कूल आने वाले बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें, गणवेश और स्कूल बैग वितरित किए। वहीं कक्षा नवमी की छात्राओं को साइकिल भी प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। उन्होंने स्कूल की खगोल विज्ञान प्रयोगशाला का निरीक्षण कर विद्यार्थियों के वैज्ञानिक मॉडल की सराहना की।
शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर जोर
सीएम साय ने कहा कि प्रदेश में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर शिक्षा, निःशुल्क किताबें, गणवेश, पौष्टिक आहार और नवाचारों के जरिए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में भी एजुकेशन हब विकसित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।